
दुर्ग। शहर में लगातार सामने आ रही अप्रिय घटनाओं के बीच शासकीय भवनों की सुरक्षा, रखरखाव और निगरानी व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। इसी कड़ी में दुर्ग शहर के गंजपारा वार्ड क्रमांक 36 स्थित मोहन बाल मंदिर परिसर को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मोहन बाल मंदिर परिसर में छोटे बच्चों के लिए स्कूल संचालित होता है, जहां लगभग 40 बच्चे अध्ययन करते हैं। बताया गया कि बीती रात्रि परिसर में गौवंश के साथ कथित रूप से अशोभनीय घटना होने की जानकारी सामने आई, जिसे स्थानीय लोगों ने गंभीर एवं निंदनीय बताया है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस प्रकार की घटनाओं के पीछे परिसर की सुरक्षा और देखरेख में कमी एक बड़ा कारण हो सकती है। उनके अनुसार परिसर के मुख्य द्वार पर नियमित रूप से ताला नहीं लगाया जाता, भवन के कई कमरे खुले रहते हैं तथा परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और चौकीदार की व्यवस्था नहीं है।
इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मोहन बाल मंदिर परिसर के कुछ कमरों में पिछले कई वर्षों से राशन दुकान संचालित की जा रही है। उनका कहना है कि यह भवन शासकीय उपयोग के लिए है और परिसर के उपयोग, किराया, रखरखाव एवं बिजली व्यय को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं है। नागरिकों ने दावा किया कि इस विषय में पहले भी जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि संबंधित विभाग एवं नगर निगम परिसर के उपयोग, सुरक्षा व्यवस्था, भवन प्रबंधन तथा राशन दुकान संचालन से जुड़े तथ्यों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करें। साथ ही परिसर में नियमित निगरानी, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी सुझाव दिया है कि भवन की देखरेख के लिए वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
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