दुर्ग। प्रदेश में शिक्षा के साथ भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जोड़ने की पहल को लेकर चर्चाएं जारी हैं। इसी क्रम में चर्चित बाल प्रतिभा “गूगल बॉय” रुद्र ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल का समर्थन करते हुए छात्र-छात्राओं और पालकों से इसका सम्मान करने की अपील की है।
रुद्र ने कहा कि आज के समय में आधुनिक शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान और कंप्यूटर शिक्षा को अपनाया जा रहा है, तो भारतीय शास्त्रों, मंत्रों और पारंपरिक ज्ञान को जानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में गुरुकुल परंपरा के अंतर्गत दिन की शुरुआत मंत्रोच्चार और वंदना से होती थी तथा इसे शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था।
उन्होंने कहा कि गुरु वंदना, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र और शांति पाठ जैसी परंपराओं का ज्ञान बच्चों को भारतीय संस्कृति और अनुशासन से जोड़ने में सहायक हो सकता है। रुद्र के अनुसार, कई देशों में भी भारतीय परंपराओं और वैदिक ज्ञान के अध्ययन के लिए विशेष पाठ्यक्रम और अध्ययन अवधि निर्धारित की जाती है।
रुद्र ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कारों में भी कभी-कभी भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रोच्चार को कुछ लोग मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण से भी जोड़कर देखते हैं।
अंत में गूगल बॉय रुद्र ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं और पालकों से शिक्षा मंत्री की इस पहल का सम्मान करने तथा शिक्षा के साथ सांस्कृतिक ज्ञान को भी महत्व देने का आग्रह किया।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.