दुर्ग-भिलाई

श्रमिक दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन

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-मुख्य न्यायाधिपति के मार्गदर्शन में श्रमिकों को दी गई विधिक अधिकारों की जानकारी
दुर्ग। ’
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ के पावन अवसर पर, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर व्यापक स्तर पर विधिक जनजागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। 
    उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा द्वारा समय-समय पर यह निर्देशित किया गया है कि समाज के कमजोर एवं वंचित वर्ग, विशेषकर श्रमिकों, को गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना न्याय प्रणाली की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय से वंचित न रह जाए। इसके अतिरिक्त, मुख्य न्यायाधिपति द्वारा राज्य में आयोजित नेशनल लोक अदालतों के माध्यम से लाखों प्रकरणों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण पर विशेष बल दिया गया है, जिससे श्रमिकों एवं आम नागरिकों को शीघ्र न्याय प्राप्त हो सके तथा विवादों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
    इसी क्रम में, अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के विशेष अवसर पर जिला दुर्ग में आयोजित विधिक जागरूकता शिविरों का मुख्य उनके विधिक अधिकारों, श्रम संबधी कानूनों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जागरूक करना रहा। सेठ रतनचद सुराना लॉ कॉलेज, दुर्ग में आयोजित विशेष विधिक जागरूकता शिविर में तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा श्रमिकों के अधिकारों, विभिन्न श्रम कानूनों के अतर्गत प्राप्त संरक्षण, कार्यस्थल पर उपलब्ध सुविधाओं तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में सरल, प्रभावी एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण, भेदभाव या अन्याय की स्थिति में विधिक सहायता प्राप्त करने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। उक्त कार्यक्रम में अष्टम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, प्राचार्य अखिलेश अग्रवाल, अधिवक्तागण एवं श्रम विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय जेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के पैरालीगल वॉलंटियर्स (पीएलव्ही) एवं एलएडीसीएस कर्मचारियों द्वारा बनाई गई चित्रकला प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा। इसके अतिरिक्त, जिले के अन्य स्थानों पर भी न्यायाधीशगण एवं पैरालीगल वॉलेंटियर्स द्वारा विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर नागरिकों एवं श्रमिकों को श्रम कानूनों, विधिक अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। पैरालीगल वालेंटियर्स द्वारा पॉम्पलेट वितरण, जनसंवाद, व्यक्तिगत परामर्श एवं जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से आमजन तक सरल भाषा में विधिक जानकारी पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा उपरोक्त विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन कर यह सुनिश्चित करने का सुदृढ कदम उठाया गया कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर श्रमिक वर्ग, तक विधिक सेवाएं सुलभ एवं प्रभावी रूप से पहुँच सके।

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