होम / बड़ी ख़बरें / चौथी बार अफीम बरामद, रायगढ़ में खुलासा- अरुण वोरा बोले: “सरकार अब ज़्यादा दिन सच दबा नहीं सकती"
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दुर्ग। छत्तीसगढ़ में अवैध नशे की खेती के लगातार हो रहे खुलासों ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों से यह स्पष्ट हो रहा है कि प्रदेश में “जहरीली खेती” का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। इस मुद्दे पर अब सियासत भी तेज हो गई है और विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में अफीम की खेती का मामला सामने आया है। 20 मार्च को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम आमाघाट में कार्रवाई करते हुए अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया। जानकारी के अनुसार, एक किसान के खेत में तरबूज, ककड़ी और अन्य सब्जियों के साथ करीब 70 डिसमिल भूमि में चोरी-छिपे अफीम उगाई जा रही थी। मामले में पुलिस ने झारखंड निवासी आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार की ढिलाई और प्रशासन की निष्क्रियता के चलते ऐसे गैरकानूनी कारोबार फल-फूल रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “यह सिर्फ अवैध खेती का मामला नहीं है, बल्कि पूरे तंत्र की विफलता का संकेत है। जिस तरह से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार अफीम की खेती पकड़ी जा रही है, उससे स्पष्ट है कि कानून का भय समाप्त हो चुका है। भाजपा सरकार में गैरकानूनी गतिविधियों को कहीं न कहीं संरक्षण मिल रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि हमारे युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है, जो भविष्य के लिए बेहद खतरनाक संकेत है,आखिर अवैध नशे की खेती का यह नेटवर्क कितना व्यापक है और इसे रोकने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठाएगी। जनता जवाब की प्रतीक्षा में है।"
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