बड़ी ख़बरें

दुर्ग नगर निगम की बजट बैठक: मंत्री समर्थक पार्षदों ने शहरी सरकार को जमकर घेरा, कई मुद्दो पर मांगा जवाब

74717032026132753whatsappimage2026-03-17at5.36.48pm.jpeg

-केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव और महापौर अलका बाघमार के बीच विकास कार्यों को लेकर चल रही आपसी खींचतान सदन में आई सामने
-विपक्षी कांग्रेसियों का कार्य सदन में सत्तापक्ष के भाजपा पार्षदों द्वारा किया जाना बना चर्चा का विषय

Image after paragraph


दुर्ग। शहर के विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृति कराने के श्रेय को लेकर केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव और महापौर अलका बाघमार के बीच चल रही आपसी खींचतान मंगलवार को दुर्ग नगर निगम की बजट बैठक में खुलकर सामने आ गई। सदन में मंत्री समर्थक पार्षदों ने खुलकर सीधे-सीधे आरोप लगाया कि केबिनेट मंत्री व शहर विधायक गजेन्द्र यादव द्वारा शहर विकास कार्यों के लिए मंजूर कराए गए करोड़ों रुपए के विकास कार्यों को शहरी सरकार छिपाने और दबाने का प्रयास कर रही है। इसके उलट कुछ विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ में शहरी सरकार द्वारा जमकर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इस विषय को मंत्री समर्थकों ने नैतिक रुप से गलत बताते हुए सदन में जमकर शोर शराबा मचाया। यह मुद्दा शहर में मुक्तिधामों के उन्नयन कार्य के अलावा अन्य विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृत कराने से जुड़ा हुआ है। इस मुद्दे पर केबिनेट मंत्री समर्थक व पद्मनाभपुर वार्ड पार्षद संजय अग्रवाल और गंजपारा वार्ड पार्षद कुलेश्वर साहू सदन में काफी मुखर रहे। उनका कहना था कि केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव द्वारा मुक्तिधामों के उन्नयन कार्य के लिए करीब ढाई करोड़ की राशि स्वीकृत कराई गई है, जबकि नगर निगम द्वारा हाल ही में शिवनाथ नदी मुक्तिधाम व एक अन्य मुक्तिधाम के लिए 50-50 लाख की  राशि स्वीकृति के विषय को जोर शोर से प्रचारित किया जा रहा है, जो गलत है। पार्षद संजय अग्रवाल इस मुद्दे पर इतना आक्रोशित हुए कि वे आयुक्त सुमित अग्रवाल से खेद व्यक्त करने की मांग पर अड़े रहे। उन्होने यहां तक कह दिया कि जब तक आयुक्त खेद व्यक्त नहीं करेंगे, वे सदन की कार्यवाही चलने नहीं देंगे। जिसके बाद सदन का माहौल हंगामें के रुप में तब्दील हो गया था। मंत्री समर्थक पार्षदों द्वारा इस दौरान आयुक्त उत्तर दो, उत्तर दो के नारे लगाए गए। सदन में हंगामें के चलते सभापति श्याम शर्मा को कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित भी करनी पड़ी। कार्यवाही पुन: शुरु होने पर आयुक्त ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मुझे इस विषय की जानकारी नहीं है,लेकिन पार्षद कुलेश्वर साहू ने केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव द्वारा मुक्तिधाम उन्नयन कार्य के लिए राशि स्वीकृति से संबंधित नगरीय निकाय प्रशासन मंत्री अरुण साव को प्रेषित पत्र मुझे अभी उपलब्ध करवाया गया है। इस पत्र का भी नगर निगम द्वारा उल्लेख किया जाएगा। आयुक्त के स्पष्टीकरण के बाद ही राशि स्वीकृति का यह मुद्दा शांत हुआ। इसके पहले भी सदन की कार्यवाही की शुरुआत में केबिनेट मंत्री समर्थक व पार्षद संजय अग्रवाल द्वारा शहर के पूरे  शुलभ शौचालयों का सफाई ठेका दो महिला स्व सहायता समूहों को देने का मुद्दा जोर शोर से उठाया गया। श्री अग्रवाल का कहना था कि शहर के शुलभ शौचालयों का सफाई ठेका नियमत: अलग-अलग महिला स्व सहायता समूहों को देना चाहिए, लेकिन शहरी सरकार ने पूरा सफाई ठेका दो महिला स्व सहायता समूहों को ही देकर मामले में अनियमितता बरती है। श्री अग्रवाल व अन्य पार्षद इस मामले की जांच की मांग को लेकर अड़े रहे , जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बनी। फलस्वरुप सभापति श्याम शर्मा को सदन की कार्यवाही 1 घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी थी। कार्यवाही पुन: शुरु होने पर सभापति ने शुलभ शौचालयों का सफाई ठेका केवल दो महिला स्व सहायता समूहों को देने के मामले में हस्तक्षेप करते हुए आयुक्त को मामले की जांच कराने  एवं जांच के लिए पार्षदों की पांच सदस्यीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए। जांच कमेटी में पार्षद संजय अग्रवाल, कुलेश्वर साहू, एमआईसी प्रभारी निलेश अग्रवाल, काशीराम कोसरे, शिव नायक को शामिल किया गया है। मामले में जांच के आदेश के बाद ही मंत्री समर्थक पार्षदों का विरोध शांत हुआ। मंत्री समर्थक पार्षदों के इन दोनो मुद्दो पर विपक्षी कांग्रेसी पार्षद सदन में जरुर टोका टाकी करते नजर आए, लेकिन ज्यादा समय विपक्षी पार्षद खामोश रहे। दरअसल बजट बैठक में मंत्री समर्थक भाजपा पार्षद और अन्य भाजपा पार्षद खुद ही शहरी सरकार को घेरते नजर आए। जब मुद्दों पर विपक्षी कांग्रेसियों के विरोध का कार्य सत्तापक्ष के भाजपा पार्षद खुद कर रहे थे,तो कांग्रेस पार्षदों ने शांत रहने में ही अपनी बेहतरी समझी। बहरहाल शहरी सरकार को सत्तापक्ष के ही भाजपा पार्षदों द्वारा घेरने का यह विषय सदन में काफी चर्चा का विषय रहा। इसके पहले दुर्ग नगर निगम की बजट बैठक सभापति श्याम शर्मा के आदेश पर सुबह 11 बजे शुरु हुई। निगम के स्व. मोतीलाल वोरा सभागार में आयोजित यह बजट बैठक शुरुआत से ही हंगामेदार रही, जिसकी वजह से सभापति को कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हंगामें की वजह से सदन में प्रश्नकाल दोपहर 1 बजे से शुरु हो पाया। प्रश्नकाल में भी पार्षदों के तीखे सवालंों से शहर सरकार घिरे रहा। प्रश्नों पर शहरी सरकार के विभागीय मंत्री निरुत्तर नजर आए, जिससे प्रश्नकाल में भी शोर शाराबा का आलम बना रहा। प्रश्नकाल में वार्ड 57 के पार्षद सरस निर्मलकर के सवालों से शहरी सरकार घिरा रहा। पार्षद श्री निर्मलकर द्वारा जनवरी माह 2026 में एक हफ्ते वार्ड से सफाई कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने से संबंधित प्रश्न लगाए गए थे। इस मुद्दे पर स्वास्थ्य प्रभारी निलेश अग्रवाल के गोल मोल जवाब से सदन में जमकर हंगामा मचा। स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता ने इस प्रश्न पर जवाब देने का प्रयास किया, लेकिन उनके जवाब से सदन संतुष्ट नहीं हुआ। सभापति श्याम शर्मा द्वारा सफाई कर्मचारियों की वार्ड में अनुपस्थित रहने को गंभीर मुद्दा बताया गया और आयुक्त को मामले की जांच के आदेश दिए गए। इस मुद्दे की आयुक्त द्वारा 10 दिनों के भीतर जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा प्रश्नकाल में निर्दलीय पार्षद अजीत वैद्य द्वारा जलघर के निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होने कहा कि जलघर में भाव पत्र से सामग्रियों की खरीदी कर भ्रष्टाचार की जा रही है। जवाब में जल कार्य विभाग प्रभारी लीना दिनेश देवांगन ने कहा कि निविदा में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। आवश्यकता पडऩे पर ही सामग्री भाव पत्र से खरीदी जाती है। श्रीमती देवांगन ने पार्षद के आरोपों को गलत बताया। शंकरनगर वार्ड के पार्षद आशीष चंद्राकर ने प्रश्नकाल में वार्ड में वित्तीय वर्ष में कोई भी विकास कार्य नहीं होने पर नाराजगी जताई। इसका उन्होने पीडब्ल्यूडी विभाग प्रभारी देवनारायण चंद्राकर से जवाब मांगा। श्री चंद्राकर ने कहा कि शहर के पूरे 60 वार्डों में विकास कार्यों के लिए स्टीमेट बनाया गया है। राशि की स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। राशि स्वीकृति पर वार्ड के लिए पहले से स्वीकृत विकास कार्य पूर्ण कराए जाएंगे। नगर निगम विकास कार्यों में भेदभाव नहीं करती है। सभी वार्डो में समान रुप से विकास कार्य करवाए जाएंगे। दोपहर में भोजन अवकाश के बाद सदन में महापौर अलका बाघमार द्वारा  वित्तीय वर्ष के लिए 580.12 करोड़ का बजट पेश किया गया। यह बजट 5 लाख 20 हजार के लाभ का बजट है। बैठक में महापौर अलका बाघमार, एमआईसी सदस्य ज्ञानेश्वर ताम्रकार,शेखर चंद्राकर, लीलाधर पाल, ममता सेन, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, कांग्रेस पार्षद भास्कर कुंडले, मनीष बघेल, विजयंत पटेल, कमल देवांगन, गुलाब पटेल, अजीत वैद्य, ललित ढीमर, प्रकाश गीते, सविता साहू, सरिता विनोद चंद्राकर, डॉ. पायल पाटिल के अलावा अन्य पार्षद व निगम के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.