दुर्ग। थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र से अपहृत बालक को पुलिस ने अन्य राज्यों में तलाश कर झारखंड से सकुशल बरामद कर लिया है। मामले की जांच के दौरान साइबर धोखाधड़ी से जुड़े एक गिरोह का भी खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अपचारी बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार थाना पुरानी भिलाई में 5 मार्च 2026 को अपराध क्रमांक 125/2026 के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। बालक की तलाश के लिए पुलिस टीम को झारसुगुड़ा (ओडिशा) और धनबाद (झारखंड) भेजा गया। पतासाजी के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ लोग बैंक खातों और पासबुक का अवैध उपयोग कर साइबर धोखाधड़ी के जरिए पैसे कमाने का काम कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि 1 मार्च 2026 को बैंक खाते से जुड़े लेन-देन के विवाद के कारण बालक धनबाद गया था, जहां आरोपियों ने उससे पैसों की मांग की थी। बाद में आरोपियों ने बालक को छोड़ दिया। पुलिस टीम ने 5 मार्च को धनबाद पहुंचकर बालक को सकुशल बरामद कर लिया।
विवेचना के दौरान यह भी पाया गया कि आरोपी साइबर धोखाधड़ी के लिए बैंक खातों का उपयोग कर अवैध लाभ अर्जित करने की कोशिश कर रहे थे। इसके आधार पर थाना पुरानी भिलाई में अपराध क्रमांक 128/2026 के तहत धारा 318(4), 62 और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में रितेश कुमार शर्मा (36 वर्ष), निवासी झारसुगुड़ा, ओडिशा और आकाश कुमार रवानी (22 वर्ष), निवासी जिला धनबाद, झारखंड शामिल हैं। प्रकरण में प्रयुक्त बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या पासबुक किसी भी व्यक्ति को अवैध गतिविधियों के लिए उपयोग करने की अनुमति न दें। ऐसा पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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