दुर्ग/ नगपुरा। श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा में देशभर के हजारों श्रद्धालुओं ने तीर्थपति श्री उवसग्गहरं पार्श्वनाथ प्रभु की पूजा-अर्चना-दर्शन-वंदन के साथ नए साल (2026) की शुरुआत किए। वर्ष 2026 की स्वागत के लिए 31 दिसम्बर की रात्रि से ही यात्रीयो का सैलाब उमड़ पड़ा था। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने तीर्थ में संगीतकार सोनिया सेठिया कलकत्ता , राकेश दुगड़ दुर्ग, खेमलाल श्रीवास वर्धमान गुरूकूल के संयोजन में रात्रि भक्ति भजन किए। नए साल की सूर्योदय के साथ श्रद्धालुओ ने तीर्थ में विराजित प०पू० साध्वी श्री लक्ष्ययशाश्रीजी म०सा०, प० पू० साध्वी श्री लब्धियशा श्री जी म० सा०, प ० पू० साध्वी श्री आज्ञा यशा श्री जी म० सा० की समृद्ध उपस्थिति में सेवानिवृति न्यायाधीश नीलम सांखला के नेतृत्व में सामूहिक प्रातः दर्शन- चैत्यवंदन एवं भक्तामर स्तव का पाठ किए। मुम्बई के अग्रणी तीर्थभक्त भाविन भाई गाला ने सपरिवार "पासं पासं वंदामि- मंगल कल्लाण आवास" की दिव्य उद्घोष वाजिंत्र एवं मंत्रोच्चार के साथ 108 बार वासक्षेप पूजा का विधान किए।

श्रीमती जिगनाबेन गाला मुम्बई ने वर्धमान शक्रस्तव मंत्रोच्चार के साथ महाभिषेक किए। साजाश्री संघ के कर्मठ जितेन्द्र (पुखराज) दुगड़ ने आरती एवं सतीष कुमार शैलेष कुमार लोढा दल्लीराजहरा ने मंगलदीवा उतार कर भक्ति किए। तीर्थ के अध्यक्ष गजराज पगारिया - ट्रस्टमंडल के साथ प्रातः से ही व्यवस्थाओं में जुड़े रहे। इस अवसर पर तीर्थ यात्रियों की आवास एवं आहार व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने प्रमोद पारख, मदन तालेड़ा ,प्रकाश देशलहरा, स्वरूप बाघमार, विजय चोपड़ा , वीरेन्द्र डागा, अनिल लोढ़ा, आदि तटस्थ रहे।
नए साल के उपलक्ष्य में तीर्थ के प्रवचन हाल में धर्मसभा का आयोजन हुआ। पूज्य साध्वीवृंद ने जीवन निर्माण विषय आधारित प्रेरक प्रवचन के माध्यम से भारतीय-संस्कृति-परम्परा और धार्मिक स्थानों , तीर्थ भूमि की स्पर्शना के महत्त्व को प्रतिपादित किया। तीर्थ के अध्यक्ष गजराज पगारिया ने विशिष्टजनों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। उन्होंने तीर्थ के प्रति समर्पित श्रद्धालुओं एवं उपस्थित सकल जनमानस को नए साल की शुभकामना दिए। आरोग्यम् के संचालक जितेन्द्र (बंटी) दुगड ने आभार व्यक्त किया।
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