भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि राष्ट्र के विवेक, संवेदना और संतुलन की जीवंत प्रतिमूर्ति थे। उनका जीवन और व्यक्तित्व राजनीति से कहीं आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण की प्रेरक गाथा बन गया। आज उनके शताब्दी वर्ष में हम उस युगपुरुष को स्मरण कर रहे हैं, जिनके विचार आज भी भारत को दिशा देते हैं।
अटल जी की राजनीति का केंद्र सत्ता नहीं, बल्कि सेवा थी। वे ऐसे नेता थे जिन्होंने विचारधारा की दृढ़ता के साथ संवाद और सहमति को लोकतंत्र की शक्ति बनाया। विपक्ष में रहते हुए भी उनकी वाणी में राष्ट्रहित सर्वोपरि रहता था और सत्ता में रहते हुए भी वे आलोचना का सम्मान करते थे। यही कारण है कि वे सर्वमान्य राजनेता बने।
प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी ने भारत को सामरिक, आर्थिक और कूटनीतिक रूप से सशक्त बनाया। पोखरण परमाणु परीक्षण ने भारत को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना ने विकास को नई गति दी, वहीं “पड़ोसी पहले” की भावना के साथ शांति और संवाद का संदेश विश्व को दिया।
अटल जी की संवेदनशीलता उनकी कविताओं में भी झलकती है। शब्दों के माध्यम से वे राष्ट्र की पीड़ा, आशा और संकल्प को अभिव्यक्त करते थे। राजनीति की कठोरता के बीच उनकी मानवीय दृष्टि उन्हें विशिष्ट बनाती थी।
आज जब भारत अमृत काल में आगे बढ़ रहा है, अटल जी के विचार—सुशासन, राष्ट्रवाद और लोकतांत्रिक मर्यादा—हमारे लिए पथप्रदर्शक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सत्ता अस्थायी होती है, लेकिन सिद्धांत और संस्कार शाश्वत।
अटल बिहारी वाजपेयी जी के शताब्दी वर्ष में उन्हें कोटिशः नमन। उनका आदर्श, उनका चिंतन और उनका राष्ट्रप्रेम सदैव भारत की चेतना को आलोकित करता रहेगा।
— सुरेन्द्र कौशिक
जिला अध्यक्ष,
भाजपा जिला दुर्ग
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.