दुर्ग। भिलाई से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जिसके कारण शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठ रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला। भिलाई से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जिसके कारण शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठ रहे हैं। दरअसल भिलाई शहर के हाउसिंग बोर्ड स्थित भिलाई नायर समाजम इंग्लिश मीडियम स्कूल पालकों को गुमराह कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। आठवी तक की इस स्कूल में अब आधा सत्र बीत जाने के बाद स्कूल प्रबंधन सीजी बोर्ड की हिन्दी मीडियम किताबों से पढ़ने को बोल रहा है। यहां परिजनों का आरोप है कि स्कूल में उनके बच्चों को सीबीएसई बोर्ड की स्कूल कहकर एडमिशन दिया गया। किताबें भी एनसीआरटी और सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम की खरीदने को कहा और अब आठवीं में इस वर्ष जब सीजी बोर्ड में बोर्ड एग्जाम होंगे तो बीच सेशन में सरकारी फ्री किताबें बांटकर बच्चों को हिन्दी मीडियम की किताबें पढ़ने मजबूर किया जा रहा है। इसके साथ ही पूरे स्कूल में प्रबंधन ने कही भी न तो सीबीएसई बोर्ड का एफिलेशन नंबर लिखा ना ही सीजीबोर्ड का एफिलेशन नंबर दर्शाया ताकि पैरेंट्स कन्फ्यूज रहें। पैरेंट्स का कहना है कि जब इस वर्ष से सीजी बोर्ड ने आठवीं बोर्ड के एग्जाम लेने का निर्णय लिया है तब पोल खुलने की डर से स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को किताबें बांटी और अब छात्रों को इसी से आगे पढ़ने को कह रहा है।
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