होम / मध्यप्रदेश / बिहार के हर घर में बिजली.. मिलेगा 10,000 रोजगार!
मध्यप्रदेश
-पीएम मोदी ने किया चौसा थर्मल पावर प्लांट का उद्घाटन
बक्सर । बिहार के बक्सर जिले के चौसा में स्थित एसजेवीएन थर्मल पावर प्लांट की पहली यूनिट का उद्घाटन आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल रूप से किया गया. इस ऐतिहासिक पल के लिए कई सारी तैयारियां की गई थी. प्रधानमंत्री द्वारा रिमोट का बटन दबाने के बाद से 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है.
चौसा थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास 9 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया था. उस समय भारत सरकार के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह भी चौसा में मौजूद थे. इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 10,439 करोड़ रुपये थी, जो विभिन्न कारणों से बढ़कर 14,390 करोड़ रुपये हो गई. इसका ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है.
प्लांट की पहली यूनिट से 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू होगा, जिसे पटना, कर्मनाशा और डेहरी आनसोन ग्रिड को भेजा जाएगा. परियोजना के कमीशनिंग इंचार्ज पुलक चंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह क्षण न केवल बक्सर बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरवपूर्ण है.
यह परियोजना नवरत्न कंपनी एसजेवीएन के अधीन संचालित हो रही है. 1988 में भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में स्थापित एसजेवीएन का मुख्यालय शिमला में है. यह कंपनी नथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन (1500 मेगावाट) जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए जानी जाती है. वर्तमान में इसकी स्थापित क्षमता 2,466 मेगावाट है, और कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 56,000 मेगावाट तक पहुंचना है.
कंपनी अधिकारियों के अनुसार, चौसा थर्मल पावर प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10,000 लोगों को रोजगार मिला है. उत्पादित बिजली का 85त्न हिस्सा बिहार सरकार को और शेष 15त्न केंद्र सरकार के निर्देशानुसार ओडिशा, असम, सिक्किम सहित अन्य राज्यों को दिया जाएगा. यह परियोजना न केवल बिहार बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.
फिलहाल प्लांट में दो यूनिट बन रही हैं, जिनमें से पहली यूनिट आज से शुरू हो रही है. दूसरी यूनिट अगले साल तक तैयार होगी, जिसके बाद संयंत्र की कुल क्षमता 1320 मेगावाट हो जाएगी. भविष्य में इसे बढ़ाकर 1980 मेगावाट करने की योजना है. इस परियोजना से प्रतिदिन 10,000 करोड़ रुपये मूल्य की बिजली उत्पादन का अनुमान है, जिसके लिए रोजाना 7,000 टन कोयला और 55 क्विशेक पानी की जरूरत होगी.
इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह रहा. उद्घाटन समारोह में बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह, सदर विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, बक्सर जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह, प्लांट के अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे. यह आयोजन बिहार के लिए ऊर्जा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा.
चौसा थर्मल पावर प्लांट का उद्घाटन बिहार के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है. इस परियोजना से न केवल बिहार के घर-घर तक बिजली पहुंचेगी, बल्कि यह राज्य की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी. स्थानीय लोगों का उत्साह और इस परियोजना की सफलता बिहार के उज्ज्वल भविष्य का संकेत दे रही है.
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