-आचार्य नीलेश ने कहा कि जिस परिवार एवं समाज में नारी का सम्मान होता है वह हर तरह से श्रेष्ठ रहता है।
-उन्होंने बेटियों के महत्व को बताते हुए कहा कि एक बेटी दस पुत्रों के बराबर होती है।
भिलाई। देवांगन जन कल्याण समिति भिलाई द्वारा परमेश्वरी मंदिर प्रगति नगर रिसाली में चल रहे श्रीमद् देवी भागवत पुराण कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथा व्यास आचार्य डॉ नीलेश शर्मा जी ने माता भगवती की आराधना, नवरात्रि पूजन विधान, श्रीराम चरित कथा एवं माता शैलपुत्री की कथा सुनाई। इस संगीतमय कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
कथा के आरंभ में मुख्य यजमान देवांगन जन कल्याण समिति के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन एवं उनकी पत्नी सुमन देवांगन तथा अन्य पदाधिकारियों ने माता परमेश्वरी की पूजा अर्चना की तथा कथा व्यास आचार्य डॉ नीलेश शर्मा महाराज एवं पारायणकर्ता पंडितों का पुष्टाहार से सम्मान किया। कथा के बीच बीच में उनकी संगीत टीम ने आकर्षक भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर समां बांधा।
आचार्य नीलेश ने कहा कि जिस परिवार एवं समाज में
नारी का सम्मान होता है वह हर तरह से श्रेष्ठ रहता है।
भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए बच्चों और युवाओं को अच्छा संस्कार दें।
आचार्य ने कथा में बताया कि भागवत पुराण में खुद सूतजी ने कहा है कि नवरात्रि में इस पुराण का श्रवण करना बड़ा पुण्य है। वे कहते हैं कि श्रीमद् देवी भागवत अत्यंत पवित्र एवं प्रसिद्ध पुराण है। देवी भगवती को परमेश्वरी, दुर्गा आदि अनेक नाम से जाना जाता है। माता भगवती परमेश्वरी ही सृष्टि की उत्पत्ति कर्ता एवं जगत जननी है। वही परम ब्रह्म है। शरीर और आत्मा को ईश्वर भक्ति में लगा देना ही पुण्य है। उन्होंने बेटियों के महत्व को बताते हुए कहा कि एक बेटी दस पुत्रों के बराबर होती है।
योग्य गुरु का काम है शिष्य को उचित मार्गदर्शन करना।
श्रद्धालुगण प्रतिदिन मंदिर में माता परमेश्वरी एवं जोत ज्वारा का दर्शन लाभ ले रहे हैं। कथा समाप्त होने के बाद रोज मंदिर में जसगीत एवं माता सेवा की धूम मच रही है।
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