छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने किया आठ करोड़ रुपए से अधिक लागत से बने पाँच कन्या छात्रावासों का शुभारंभ

image_380x226_66adf9f75ff56.jpg

-अनुसूचित जाति की तीन सौ छात्राओं को पढ़ाई के लिए आवासीय सुविधा मिलेगी
-श्रमिक कल्याण योजनाओं से भी लाभान्वित हुए कई परिवार, छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरण भी किया
-एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने कन्या आश्रम में रोपा आम का पौधा
रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज आरंग में पाँच कन्या छात्रावासों का शुभारंभ किया।पाँचो छात्रावासों के शुरू हो जाने से अनुसूचित जाति की तीन सौ कन्याओं की अपनी पढ़ाई के लिए आवासीय सुविधा मिलेगी।इन छात्रावासों की लागत आठ करोड़ छह लाख रुपये से ज़्यादा है। मुख्यमंत्री ने आरंग नगर पालिका क्षेत्र में आयोजित भव्य कार्यक्रम में रिमझिम बारिश के बीच आरंग के एक सौ सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, मंदिर हसौद के पचास सीटर कन्या हॉस्टल, आरंग में दो और  कोसरंगी एक पचास पचास सीटर कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया।

इन छात्रावास-आश्रमों में अनुसूचित जाति की छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रवेश दिया जाएगा, जहाँ रहकर वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगी। छात्रावासों में सुसज्जित शयन कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष, क्लास रूम्स सहित भोजन कक्ष और पर्याप्त संख्या में शौचालय तथा स्नानागार बनाये गये है । भवनों में बिजली- पानी की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई गई है । कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लगभग 20 स्कूली छात्राओं को आने-जाने के लिए निः शुल्क साइकिलें भी वितरित की 
आरंग में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया। उन्होंने मिनीमाता महतारी योजना के तहत श्रमिक परिवार की दस महिलाओं को बीस-बीस हज़ार रुपये की सहायता दी। श्री साय ने नोनी सशक्तिकरण योजना के तहतश्रमिक परिवार की  लगभग पंद्रह मेधावी छात्राओं को भी बीस -बीस हज़ार रुपये की राशि के चेक वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने दो निर्माण श्रमिकों की मृत्यु के बाद उनके परिजनों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की। यह राशि निर्माण श्रमिक मृत्यु-दिव्यांग सहायता योजना के तहत दी गई। श्री साय ने दो बुजुर्ग श्रमिकों को  बीस बीस हज़ार रुपये की सहायता श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत प्रदान की। श्रमिकों के पाँच मेधावी बच्चों को उनकी पढ़ाई जारी रखने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए तीन तीन हज़ार रुपये की सहायता भी दी गई। इस योजना के तहत एक साल में नब्बे दिन निर्माण श्रमिक के रूप में काम करने वाले पंजीकृत श्रमिक के दो बच्चों को पहली कक्षा से स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई के लिए एक हज़ार रुपए से दस हज़ार रुपए तक की सहायता दी जाती है । मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में पाँच पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय के लिए तीन लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान की। श्री साय ने पशु मित्र योजना के तहत कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को भी लगभग तीन लाख रुपये का मानदेय वितरित किया। 
पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग ' सीटर- लागत 174.67 लाख
प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास मंदिर हसौद, 50 सीटर- लागत 174.67 लाख
अनुसूचित जाति कन्या आश्रम आरंग -50 सीटर- लागत 162.76 लाख
अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आश्रम -50 सीटर- लागत 162.76 लाख
नवीन प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग -50 सीटर- लागत 152.97 लाख

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.