
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी भावी पीढ़ी को मिलने वाली शिक्षा, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करती है। समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सहित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा एवं दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वहन की शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा सौंपा गया दायित्व समाज को आगे ले जाने का अवसर है। सभी पदाधिकारी निष्ठा, समर्पण और सामूहिक भावना के साथ समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य करें।
उन्होंने कहा कि कंवर समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। संत गहिरा गुरु सहित समाज के पुरोधाओं ने शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता का मार्ग दिखाया है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का निर्विरोध और सर्वसम्मति से निर्वाचन समाज की एकता एवं संगठन की मजबूती का प्रमाण है। समाज की इस एकजुटता को आने वाली पीढ़ियों तक और मजबूत बनाकर पहुंचाना होगा।
-शिक्षा से खुलते हैं प्रगति के रास्ते
मुख्यमंत्री ने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी प्राप्त करना नहीं है। एक सफल उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी शिक्षा आवश्यक है। शिक्षा व्यक्ति में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है और समाज को प्रगति की दिशा दिखाती है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की अपील की।
-जनजातीय समाज के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6 हजार 661 गांवों को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक सड़क, आवास, बिजली, राशन कार्ड और नल से जल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जीवन स्तर में सुधार के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत 57 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कर रही हैं।
-नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर में विकास ने पकड़ी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का बड़ा भू-भाग चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद की त्रासदी के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी विकास कार्य चुनौतीपूर्ण थे, वहां अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 500 से अधिक गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। बस्तर में स्वास्थ्य अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और 40 हजार से अधिक गंभीर अथवा लंबे समय से बीमार लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। शांति और विश्वास के नए वातावरण में युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी खुल रहे हैं।
-‘मोदी की गारंटी’ से जनकल्याण को मिली गति
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को तेजी से पूरा किया है। सरकार गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों से किए वादे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के तहत करीब 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना फिर शुरू की गई है तथा संग्रहण पारिश्रमिक 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है।
-सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ से अधिक की घोषणा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकास एवं जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक की राशि देने की घोषणा की।
रायपुर के लाभांडी में निर्माणाधीन कंवर भवन के विकास एवं आवश्यक अधोसंरचना के लिए 70 लाख रुपए, राजनांदगांव के छुरिया परिक्षेत्र में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रुपए, कंवर पैंकरा समाज सर्कल तमोरा में सामुदायिक शेड के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम खैरझिटी में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, महासमुंद जिले के पथरी परिक्षेत्र के ग्राम नरतोरा में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम झलप में सामाजिक भवन के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख रुपए तथा गरियाबंद जिले के ग्राम जोजरा में कंवर समाज भवन के लिए 10 लाख रुपए की घोषणा की गई।
-‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत किया पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के निर्माणाधीन सामुदायिक भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सिंदूर का पौधा लगाया। उनके साथ समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, वरिष्ठ सगा-जनों एवं प्रबुद्धजनों ने भी पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यसभा सांसद नंदकुमार साय ने की। उन्होंने कहा कि कंवर समाज छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज का महत्वपूर्ण घटक है और शिक्षा समाज तथा प्रदेश की प्रगति का आधार है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को शिक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक जागरूकता और संगठन की मजबूती के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पद के साथ समाज की एकता, सेवा, शिक्षा, संस्कार और उत्थान की बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी है। निर्माणाधीन कंवर भवन भविष्य में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, महासचिव शिव कुमार कंवर, कार्यकारी अध्यक्ष थान सिंह दीवान, महिला प्रभाग की अध्यक्ष सविता साय, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह कंवर, आर.के. साय, भीम सिंह कंवर सहित समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
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