होम / दुर्ग-भिलाई / राष्ट्रपति को पत्र: पेंशन और भत्तों के लिए सांसदों - विधायकों की पात्रता निर्धारित किया जाये - छत्तीसगढ़ संग्राम परिषद
दुर्ग-भिलाई
दुर्ग। छत्तीसगढ़ संग्राम परिषद के अध्यक्ष एड राजकुमार गुप्त ने देश के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर पूर्व सांसदों और विधायकों को पेंशन और भत्तों के लिए पात्रता निर्धारित करने का आग्रह किया है। राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में सभी पूर्व सांसदों और विधायकों को लाखों रुपए करमुक्त पेंशन और भत्तों की राशि प्रदान की जा रही है इनमें ऐसे अनेक पूर्व सांसद और विधायक भी शामिल हैं जिनके स्वयं के या परिवार के नाम पर करोड़ों की चल अचल संपत्ति है, अनेक ऐसे भी हैं जिनके या जिनके परिवार की आय प्रति माह लाखों रुपए हैं, अनेक आयकरदाता भी हैं।
राष्ट्रपति को लिखे पत्र में एड राजकुमार गुप्त ने कहा है कि केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा नागरिकों के कल्याण कार्यक्रम एवं योजनाओं का संचालन किया जा रहा है जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, ग्रामीण आवास योजना, निराश्रित पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, महिला सम्मान, खाद्यान्न योजना आदि ऐसी योजना के लाभार्थियों को 300 - 500 रूपए प्रति माह की मामूली राशि प्रदान किया जाता है ऐसी सभी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए पात्रता निर्धारित है। कुछ राज्यों में अपात्र होने के कारण लाखों लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया गया है, कुछ राज्यों में अपात्र होने के आधार पर राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एड राजकुमार गुप्त ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि पूर्व सांसदों और विधायकों को पेंशन और भत्तों का भुगतान राष्ट्रीय कोष से किया जाता है आम नागरिक विभिन्न टेक्स के रूप में राष्ट्रीय कोष में इस विस्वास के साथ राशि जमा करते हैं कि कोष की राशि का उपयोग जन हितकारी कार्यों और देश हित में खर्च किया जायेगा। राष्ट्रीय कोष के मालिक करोड़ों करदाता है सरकार सिर्फ राशि का कस्टोडियन है। सक्षम पूर्व सांसदों और विधायकों को पेंशन और भत्तों की राशि दिया जाना राष्ट्रीय कोष की राशि का दुरूपयोग है यह करोड़ों करदाता नागरिकों के साथ विश्वासघात है।
एड राजकुमार ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि पूर्व सांसदों और विधायकों को पेंशन और भत्तों के लिए उसी प्रकार पात्रता का निर्धारण किया जाना चाहिए जिस तरह आम नागरिक के लिए संचालित योजनाओं में किया गया है। ऐसे पूर्व सांसदों और विधायकों को अपात्र घोषित किया जाना चाहिए जिनके स्वयं या परिवार के नाम एक करोड़ से अधिक मूल्य की चल अचल संपत्ति हो, जो स्वयं या जिनके परिवार आयकर दाता हो और जो क्रीमी लेयर में आते हों अर्थात जिनके परिवार की आय 8 लाख रुपए वार्षिक से अधिक हो।
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