-रमजान शरीफ के पाक महीने में इंसानियत की मिसाल बने खुर्सीपार निवासी आरिफ
भिलाई। रमजान शरीफ का महीना सब्र, इबादत और इंसानियत का पैगाम देता है। ऐसे पवित्र समय में एक मुस्लिम युवक ने जान बचाने के लिए अपना 22 वां रोजा तोड़कर बी नेगेटिव जैसे रेयर ब्लड ग्रुप का रक्तदान किया।
यह कदम बताता है कि इंसानियत सबसे बड़ी इबादत है। किसी की जिंदगी बचाना अल्लाह की नजर में बहुत बड़ा सवाब है।
खुर्सीपार निवासी रक्तदाता आरिफ अय्यूब ने गुरुवार को निजी अस्पताल में भर्ती मरीज सीमा सोनवानी के लिए रोज़ा तोड़कर रक्तदान किया। मानव सेवा के इस एन उठे कार्य के लिए उनके दोस्तों ने भी प्रेरित किया। खासतौर पर रेलवे की ड्यूटी के बाद, जरूरतमंद की मदद करने जीवन रक्षक हमेशा तैयार रहते दो दोस्त, जे.डी. खांन और दीपक कुमार रेलवे कर्मचारी हैं, ड्यूटी के बाद जरूरतमंद के लिए रक्तदान की सेवा 15 सालों से कर रहे हैं। जे. डी. खांन और दीपक कुमार ने बताया लोगों की जान बचाने के लिए निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं। यदि किसी जरूरतमंद को ब्लड की जरूरत होती है तो वह स्वय अपने साधन से अस्पताल तक रक्तदाता को लेकर जाते हैं। और मरिज के घर वालों से आग्रह करने पर भी पानी तक नहीं पीते क्योंकि उनका मानना है सेवा ही धर्म है।
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