बालाघाट। विकासखंड बैहर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के दूसरे माह में धार्मिक स्थलों की महत्वपूर्ण भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए जन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गायत्री शक्ति पीठ मंदिर, बैहर में मंदिर के अध्यक्ष एवं पुजारी द्वारा बाल विवाह के विरुद्ध समाज को जागरूक करने का आवाहन किया गया।
यह कार्यक्रम कलेक्टर मृणाल मीना एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती दीपमाला मंगोदिया के निर्देशन तथा रचना चौधरी (प्रशासक) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गायत्री शक्ति पीठ मंदिर के अध्यक्ष वाय. आर. चौधरी एवं पुजारी निरंजन शर्मा ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका अथवा 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को बढ़ावा देने, सहयोग करने अथवा छुपाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध जुर्माना एवं कारावास का प्रावधान है। धार्मिक मंच से समाज को यह संदेश दिया गया कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए बाल विवाह जैसी कुप्रथा को पूर्णतः समाप्त करना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की जानकारी या शंका होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस 112 अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल सूचना दें। साथ ही बालाघाट जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने हेतु सभी से सहयोग का आह्वान किया गया। इस अभियान में वन स्टॉप सेंटर बैहर की केस वर्कर श्रीमती प्रीति हरिनखेड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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