दुर्ग

भिलाई में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की एक झलक पाने उमड़े श्रद्धालु

24625122025133152whatsappimage2025-12-25at6.59.30pm.jpeg

-जब तक इस देश से अंधविश्वास खत्म नहीं हो जाता, मैं दिव्य दरबार लगाता रहूंगा...
दुर्ग।
देश में सनातन के ध्वजवाहक एवं बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री गुरुवार को भिलाई पहुंचे। वे सेवा समर्पण समिति द्वारा भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास ग्राउंड में 25 से 29 दिसम्बर तक आयोजित दिव्य श्री हनुमंत कथा में श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करेंगे। 27 दिसम्बर को श्री शास्त्री जी दिव्य दरबार लगाएंगे। दरबार में वे लोगों की पर्ची निकालकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए रास्ता बताएंगे।
गुरुवार की दोपहर पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की दिव्य श्री हनुमंत कथा प्रारंभ हुई। प्रथम दिन उनके दर्शन व कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। जिससे इस्पातनगरी श्रद्धा व भक्ति से सराबोर रहा। दिव्य श्री हनुमंत कथा प्रारंभ के पहले बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री मीडिया से रुबरु हुए।

Image after paragraph

उन्होने अपने चिरपरचित अंदाज में मीडिया के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। चर्चा में पंडित श्री शास्त्री ने कहा कि हिन्दुत्व के लिए जीना व मरना यही सच्चा धर्म है। सनातन की स्थापना होनी चाहिए। गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलेगा, तब भारत हिन्दू राष्ट्र बनेगा। उन्होने कहा कि बांग्लादेश में हिन्दुओं को हिंसक घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। ये यह बताता है कि बांग्लादेश में हिन्दुओं का होना गुनाह है। अगर हम अभी इन सब घटनाओं से सिख नही लेंगे, तो भविष्य में भारत में भी हिन्दू होना गुनाह होगा। वर्तमान समय हिन्दू राष्ट्र निर्माण का सही समय है।उन्होने एक सवाल के पं. शास्त्री जवाब में कहा कि हिन्दुओं को जोड़ना और राष्ट्रवाद जगाना अगर अंधविश्वास है, तो ऐसे मानसिकता रखने वाले लोगों को देश छोड़ देना चाहिए। देश की उन्नति जातपात से नहीं बल्कि राष्ट्रवाद से होगी। पंडित श्री शास्त्री जी ने धर्मांतरण से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि धर्मान्तरण का मुख्य कारण अशिक्षा, अंधविश्वास व प्रलोभन है। इसे शिक्षा और आर्थिक रुप से कमजोर लोगों की आर्थिक मदद कर दूर किया जा सकता है। अंधविश्वास दूर करने के लिए मैं हूं। जब तक इस देश से अंधविश्वास खत्म नहीं हो जाता, मैं दिव्य दरबार लगाता रहूंगा।

Image after paragraph

उन्होने कहा कि धर्मांतरित लोग जो अपनी स्वेच्छा से सनातन अपनाना चाहते है, उन्हे वे 27 दिसम्बर को दिव्य दरबार में घर वापसी करवाएंगे। सनातन के ध्वजवाहक पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन की जागृति और हिन्दू राष्ट्र निर्माण को लेकर वे छत्तीसगढ़ में भी पदयात्रा करेंगे। यह पदयात्रा कहां से और कब शुरु होगी। इसकी सूचना आगामी समय में दी जाएगी। पंडित शास्त्री जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मेरा आना लगा रहता है। भिलाई में मेरा आना सौभाग्य है। उन्होने दिव्य श्री हनुमंत कथा के आयोजक सेवा समर्पण समिति संयोजक राकेश पांडेय और पूर्व राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पांडेय के प्रति आभार व्यक्त किया।
मीडिया से चर्चा के दौरान पंडित श्री शास्त्री जी के साथ सेवा समर्पण समिति के संयोजक व छत्तीसगढ़ खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष राकेश पांडेय, समाजसेवी बसंत अग्रवाल, के. एस. चौहान, दिनेश देवांगन, संतोष सोनी, संदीप लुहाड़िया, राजा महोबिया मौजूद रहे।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.