-"अपराजिता" बनीं आत्मरक्षा की प्रतीक,बालिकाओं के लिए निशुल्क कराते शिविर का हुआ शुभारंभ
बालाघाट। कलेक्टर मृणाल मीना के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति योजना एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत, महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से सोमवार को 'अपराजिता नि:शुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर' का शुभारंभ जिले के कराते प्रशिक्षण केंद्र में किया गया। शिविर का उद्घाटन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सतीश शर्मा एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती दीपमाला मंगोदिया द्वारा किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर 19 मई से 19 जून 2025 तक आयोजित किया जाएगा। जिसमें किशोरी बालिकाएं, शाला त्यागी बालिकाएं, एवं अन्य इच्छुक बालिकाएं कराते व आत्मरक्षा की कला सीख सकेंगी। शिविर का उद्देश्य केवल आत्मरक्षा के गुर सिखाना नहीं, बल्कि बालिकाओं को मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना है, ताकि वे संकट की घड़ी में न केवल स्वयं की रक्षा कर सकें, बल्कि अपने परिवार को भी सुरक्षा प्रदान कर सकें।
इस अवसर पर अतिथियों ने आत्मरक्षा को बालिकाओं के लिए एक आवश्यक कौशल बताया और इसे "नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम" करार दिया। श्रीमती दीपमाला मंगोदिया ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाएं भयमुक्त एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने की ओर अग्रसर होंगी। यह शिविर न केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, बल्कि एक सामाजिक पहल है जो आने वाले समय में बेटियों के आत्मविश्वास, सुरक्षा और स्वाभिमान को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।
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