गर्लफ्रेंड की कब्र पर पार्टी करने वाले सीरियल किलर की खौफनाक कहानी, जिसने माता-पिता को भी नहीं छोड़ा

गर्लफ्रेंड की कब्र पर पार्टी करने वाले सीरियल किलर की खौफनाक कहानी, जिसने माता-पिता को भी नहीं छोड़ा

Ro No. 12111/89

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रायपुर:  रायपुर, दिल्ली, भोपाल और अमेरिका... ये उन जगहों के नाम हैं, जिसके बिना सीरियल किलर उदयन दास की कहानी अधूरी है। लैविश लाइफ जीने वाला उदयन हर किसी को अमेरिका के नाम पर झांसे में ले लेता था। 2007 से वह अमेरिका के नाम पर एक बड़ा आडंबर खड़ा करना शुरू किया था। दिल्ली में रहते हुए उसने अपने रिश्तेदारों और करीबियों को बताया था कि वह अमेरिका में रहता है। अमेरिका के नाम पर उसकी जिंदगी में कई लड़कियां आईं। उनमें से एक पश्चिम बंगाल की लड़की घर परिवार को छोड़कर इसके पास रहने चली आई। इसी के बाद उदयन की असली सच्चाई सामने आई तो पूरा देश हिल गया। उसके जुर्म की परतें भोपाल और रायपुर से खुलने लगी, जिसे जानकर लोग कांप गए। इसके बाद पता चला कि उदयन एक सीरियल किलर है। आइए आपको इस सीरियल किलर की खौफनाक कहानी बताते हैं।

सीरियल किलर उदयन दास अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पिता भेल में नौकरी करते थे और मां भोपाल स्थित एक सरकारी विभाग में कार्यरत थी। दोनों ने नौकरी के दौरान भोपाल और रायपुर में घर बनवाया था। वहीं, दिल्ली में एक फ्लैट खरीदा था। उदयन के पिता रायपुर में रहते थे और मां भोपाल में रहती थी। वहीं, उदयन ने रायपुर के ही एक स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की थी। माता-पिता के पास पैसे थे तो वह लग्जरी जिंदगी जीता था। साथ ही उसमें दिखावे का भी शौक था। बताया जाता है कि उसे पाबंदियां बर्दाश्त नहीं था।

 

इसके बाद उदयन दिल्ली चला गया था। परिवार और रिश्तेदारों को बताता था कि वह आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई कर रहा है। दिल्ली स्थित फ्लैट में ही रहता था। इकलौते होने के कारण पैसे की कोई कमी नहीं थी। मां-पिता भी रिटायर होकर रायपुर रहने लगे थे। दिल्ली में रहते हुए उदयन का लाइफ स्टाइल पूरी तरह से बदल गया था। कई गलत आदतों के चक्कर में वह पड़ गया था। सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट क्रिएट कर वह खुद को अमेरिका में रहना और जॉब करना बताता था। किसी प्रोफाइल में वह बड़ा बिजनेस मैन बताता था।


2007 में पश्चिम बंगाल की आकांक्षा शर्मा से पहचान
सीरियल किलर उदयन की लाइफ में कई लड़कियां थीं। वह अमेरिका में जॉब के नाम पर लड़कियों को फंसाता था। पश्चिम बंगाल के बांकुरा की रहने वाली आकांक्षा शर्मा भी इसी तरह से इसके झांसे में फंस गई। फेसबुक के जरिए हुई पहचान बाद में प्यार में बदल गया। आकांक्षा शर्मा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी। उदयन समझ चुका था कि आकांक्षा की तड़प उसके लिए बढ़ती जा रही है।

अमेरिका में नौकरी का फर्जी ऑफर लेटर दिया
2016 में उदयन ने आकांक्षा को अपने पास बुलाने के लिए अमेरिका में नौकरी का फर्जी ऑफर लेटर दिया। आकांक्षा ने परिवार के लोगों को दिखाया है। वे लोग भी इसे अमेरिका भेजने को तैयार हो गए। घर से एक लाख 20 हजार रुपये लेकर आकांक्षा शर्मा अमेरिका के लिए जून 2016 में निकल गई। दिल्ली पहुंचने पर आकांक्षा की मुलाकात उदयन दास से हुई। उदयन दास उसे अपने फ्लैट पर ले गया। इस दौरान उदयन परिवार से बात नहीं करने देता था। परिवार के लोगों को मैसेज के जरिए जवाब देता था।


उदयन की असलियत आकांक्षा जान गई
दिल्ली में रहने के दौरान आकांक्षा उदयन की असलियत जान गई थी। इस बीच दोनों में झगड़ा हो गया। उदयन किसी तरह से आकांक्षा को मनाने में कामयाब हो गया। इसके बाद आकांक्षा को लेकर भोपाल आ गया। 14 जुलाई 2016 को दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद उदयन ने मारने का पालन बना लिया। अगले दिन उसने तकिया से मुंह दबाकर आकांक्षा की हत्या कर दी।

घर में ही दफना दिया
उदयन पहले से ही बहुत शातिर था। उसने अपने घर में ही लोहे का बॉक्स लाकर आकांक्षा का शव रख दिया। इसके बाद कमरे में डालकर उस पर चबूतरा बनवा दिया। उसी चबूतरे पर बेड डालकर वह सोने लगा था। इसके साथ ही रात में शराब भी उसी पर बैठकर पीता था। उसकी करतूतों पर कुछ दिनों तक पर्दा डला रहा है। इस बीच परिवार के लोगों का संपर्क आकांक्षा से टूट गया था। आकांक्षा के फोन से उदयन ही परिवार के लोगों को मैसेज कर जवाब देता था। साथ ही उसके फेसबुक प्रोफाइल को भी अपडेट करता था।


बांकुरा जाकर उसके माता-पिता को मारने की कोशिश की
आकांक्षा की हत्या के बाद एक दिन उदयन पश्चिम बंगाल के बांकुरा स्थित उसके घर पर पहुंच गया। उदयन को देखकर आकांक्षा के परिवार वाले बहुत खुश हुए कि बेटी का दोस्त आया है। इस दौरान जब आकांक्षा की मां किचन में चाय बनाने जाने लगी तो उदयन कहने लगा कि मैं बनाता हूं। लेकिन आकांक्षा की मां ने मना कर दिया। बाद में पता चला कि वह दोनों को मारने गया था। उसकी कोशिश थी कि चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर देंगे। इसके बाद उनकी हत्या कर देंगे। लेकिन उदयन की कोशिशें नाकाम हो गई। साथ ही बेटी के बारे में परिवार को कोई सही जानकारी नहीं मिली।

बांकुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट
बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर आकांक्षा शर्मा के परिजनों ने दिसंबर 2016 में बांकुरा पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जांच के एक अहम कड़ी हाथ लगी। आकांक्षा शर्मा का आखिरी लोकेशन भोपाल के गोविंदपुरा इलाके का मिला। इसके बाद पश्चिम बंगाल की पुलिस यहां पहुंच गई और मामले में जांच शुरू कर दी। पुलिस की जांच अब सीरियल किलर उदयन दास पर आ टिकी। तब तक लोग उदयन के इस खौफनाक चेहरे से अनजान थे।


उदयन को कर लिया गिरफ्तार
आकांक्षा के कॉल डिटेल से पता चला कि वह लगातार उदयन के संपर्क में थी। पश्चिम बंगाल की पुलिस ने उदयन को दो फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूछताछ शुरू हुई। शुरुआत में तो वह पुलिस को बरगलाता रहा। सख्ती बरतने पर वह टूट गया। इसके बाद जो वह कबूल किया, उससे सब लोग हिल गया। उदयन दास ने पुलिस के सामने कबूल किया था कि प्रेमिका आकांक्षा शर्मा की हत्या उसने गला दबा कर की है। घर के बगल में स्थित बिल्डिंग मटेरियल की दुकान से उसने सामान लाया था। घर में प्रेमिका के शव को दफन कर उसने चबूतरा बना दिया।

पुलिस ने निकाला शव
इसके बाद भोपाल के साकेत नगर स्थित उसके घर की खुदाई। उस चबूतरा को तोड़ने में पुलिस को सात-आठ घंटे का वक्त लगा था। चबूतरा के अंदर से आकांक्षा शर्मा का कंकाल मिला था। पूछताछ में उसने कहा था कि उसे अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है।


माता-पिता के बारे में भी चौंकाने वाली बात
उदयन के माता-पिता 2010 के बाद से लापता थे। रिश्तेदार जब उदयन से पूछते थे तो वह कहता था कि दोनों अमेरिका में रहते हैं। इस बीच अमेरिका या अन्य जगहों से उदयन तस्वीर पोस्ट करता था। गिरफ्तार के बाद पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसने माता-पिता को 2010 में ही मार दिया है। इसके बाद लोग सन्न रह गए। उसने बताया कि दोनों को मारकर रायपुर स्थित घर में दफना दिया है। वह करीब सात साल तक अपने रिश्तेदारों से यह बात छुपाए रखा। इसके बाद पुलिस ने वहां से दोनों के कंकाल बरामद किए।

630 किमी की दूरी पर दो वारदात
माता-पिता की हत्या के बाद उसने फर्जी तरीके से संपत्ति अपने नाम करा लिया था। भोपाल से रायपुर की दूरी 630 किमी है। छह साल के अंतराल पर उसने तीन जिंदगियों को खत्म कर दिया लेकिन किसी को शक नहीं हुआ। आकांक्षा के माता-पिता की किस्मत अच्छी थी कि दोनों बच गए। 2020 में उदयन को उम्रकैद की सजा हुई है। वह बांकुरा के जेल में बंद है।


अमेरिकी टीवी शो से आया था आइडिया
मां-पिता और प्रेमिका की हत्या करने का आइडिया सीरियल किलर उदयन दास को अमेरिकी टीवी शो द वॉकिंग डेड से आया था। उसी शो को देखकर उसने अपने पैरेंट्स और प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर दी और जमाने को खबर नहीं लगने दी।