मनरेगा से जल और पर्यावरण संरक्षण की पहल : बस्तर की छोटी-छोटी पहाड़ियों में बन रहा ट्रेंच

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Ro No. 12059/86



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दक्षिणापथ, दुर्ग। भाजपा विधायक दल के स्थायी सचिव जितेंद वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण जिले में डेंगू के मामले सरकारी आकड़े के अनुसार पिछले साल से साढ़े तीन गुना ज्यादा बढ़ गए हैं। पिछले साल डेंगू के सिर्फ 12 पॉजिटिव केस मिले थे। इस साल प्रकरण बढ़कर 42 तक हो चुके हैं। बारिश बंद होने के बाद फिर नए मामले सामने आ रहे हैं। जुलाई 2021 से ही शहर में विभाग और लोगों ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया था। जिसकी वजह से राजधानी जैसे हालात इस बार दुर्ग जिला में देखने को नहीं मिले। जिला में चार नए मरीज मिले हैं, जिसमें से तीन निजी अस्पताल में दाखिल है। एक की स्थिति बेहतर है, जिसकी वजह से उसे घर पर ही रहने सलाह दी गई है। मरीजों को मच्छरदानी के भीतर आइसोलट कर रखा गया है। श्री वर्मा ने कहा कि फिल्ड में कर्मियों को लगाने की जरूरत है।
डेंगू के लार्वा का स्रोत खत्म करने की जरूरत है। इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए कर्मियों को फिल्ड में भेजना होगा। इस वक्त दुर्ग और भिलाई में जिनके घरों में मरीज मिले हैं। वे यह नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर डेंगू मच्छर उनके घर में कहां पल रहा है। दवा का छिड़काव निगम ने करके इतिश्री कर लिया है। लेकिन लापरवाही के कारण अब तक स्रोत तक नहीं पहुंच पाए हैं। जिससे और मरीज मिलने की आशंका बनी हुई है। विभाग की चाल भी पहले से सुस्त हो चली है। श्री वर्मा ने आंकड़ो पर नजर डालते हुए कहा कि अब तक जिला अस्पताल, दुर्ग में बुधवार को 21 मरीजों के सैंपल एलाइजा जांच करवाने लाए गए। यह सैंपल रायपुर, राजनांदगांव व दूसरे जिलों से भेजे गए थे। जिसमें से 13 डेंगू पॉजिटिव पाए गए। राजधानी के अस्पतालों में अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिसकी वजह से वहां से सैंपल को जांच के लिए दुर्ग जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
डेंगू फैलाने वाले एडीस इजप्टाइ मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। घरों या कूलर, टंकी, पानी पीने के बर्तन, फ्रिज के ट्रे, फूलदान, टायर जैसे में यह मच्छर आसानी से पनपते हैं। लोगों को इन स्थानों पर नजर रखना होगा। बीएसपी या नगर पालिक निगमों को लोगों के घर-घर जाकर सफाई करने का काम करना चाहिए लेकिन सुस्त प्रशानिक व्यवस्था के कारण ऐसा नही कर रहे हैं। जिससे संक्रमण दर बढ़ने के प्रबल संभावना है। श्री वर्मा ने कहा कि बेहतर होगा कि अपनी जान को बचाने के लिए वे खुद अलर्ट रहें। कोरोना के मर से जिला के लोग अभी भी उबर नही पाए है दुःख भरे किस्से आज भी जिला वासियो बेचैन करता है कि कितनो अपने लोगो को खोने के गम है। निःसन्देह अभी कोरोना जिले में कमी आई है लेकिन हमें सतर्क रहने की जरूरत है।