पुणे से 992 प्रवासियों को लेकर मणिपुर पहुंची विशेष रेलगाड़ी

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Ro No. 12111/89

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-सम्मान की बात करने वालों ने स्व.चंदूलाल की समाधि स्थल का भी कर दिया सौदा, केंद्रीय मंत्री सिंधिया अपने बयान के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांगे माफी
दक्षिणापथ, दुर्ग।
दुर्ग जिले के राजनीति में चाणक्य कहे जाने वाले स्व.दाऊ वासुदेव चंद्राकर के पुत्र और पूर्व साडा अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्राकर ने गुरुवार को ग्राम कोलियापुरी निवासी व कांग्रेस नेता अमित चंद्राकर पर बड़ा आरोप लगाकर चंद्राकर परिवार के अलावा जिले की कांग्रेस राजनीति में खलबली मचा दी हैं। मीडिया से चर्चा करते हुए लक्ष्मण चंद्राकर ने कांग्रेस नेता अमित चंद्राकर द्वारा अपने नाम के साथ दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद स्व.चंदूलाल चंद्राकर का नाम जोड़े जाने को आपत्तिजनक बताया हैं। लक्ष्मण चंद्राकर का कहना था कि पूर्व सांसद स्व. चंदूलाल चंद्राकर अविवाहित थे। उनकी एक संत की छवि थी, लेकिन अमित चंद्राकर द्वारा अपने नाम के साथ स्व. चंदूलाल चंद्राकर के नाम का उपयोग करने से चंदूलाल चंद्राकर के गृहस्थ जीवन से जुड़े होने का आभास होता है। जिससे संत की छवि रखने वाले पूर्व सांसद स्व. चंदूलाल चंद्राकर की छवि धूमिल हो रही है। अमित द्वारा स्व. चंदूलाल चंद्राकर के नाम का उपयोग किए पर सामाजिक रूप से कई बार मनाही की गई है, लेकिन अमित द्वारा स्व. चंदूलाल चंद्राकर के नाम का उपयोग निरंतर जारी रखा गया हैं। जिससे नई पीढ़ी दिग्भ्रमित हो रही हैं। अमित चंद्राकर द्वारा जानबूझकर अपने निजी राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए यह करके समाज में भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही हैं। जो निंदनीय है। पूर्व साडा अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्राकर ने यह भी बड़ा आरोप लगाया है कि अपने नाम के साथ पूर्व सांसद स्व. चंदूलाल के नाम का उपयोग करने वाले अमित चंद्राकर के परिवारवालों द्वारा ग्राम कोलियापुरी स्थित स्व. चंदूलाल चंद्राकर के समाधि स्थल की जमीन भी अपने निजी स्वार्थ के लिए बेच दी गई है। जमीन खरीदी-बिक्री का यह मामला विवादित होने से अब न्यायालय में विचाराधीन है। एक ओर अमित चंद्राकर अपने नाम के साथ स्व. चंदूलाल चंद्राकर का नाम जोड़कर उनके सम्मान की बात करता हैं, वहीं दूसरी और अमित चंद्राकर और उनके परिवार वालों द्वारा स्व. चंदूलाल चंद्राकर की समाधि स्थल को भी सुरक्षित नहीं रखा जा सका गया हैं। यह समझ से परे हैं। पूर्व साडा अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्राकर ने बताया कि पूर्व सांसद स्व. चंदूलाल चंद्राकार स्व. चुन्नीलाल चंद्राकर के छोटे भाई थे। स्व. चुन्नीलाल चंद्राकर अमित चंद्राकर के दादा थे। हिमकर चंद्राकर पिता व अभिषेक चंद्राकर बड़ा भाई हैं। स्व. चंदूलाल चंद्राकर रिश्तेदारी में अमित चंद्राकर के दादा थे। अमित का इस तरह से अपने नाम के साथ स्व. चंदूलाल चंद्राकर का नाम जोडऩा भ्रम की स्थिति पैदा करता हैं। लक्ष्मण चंद्राकर ने कहा है कि अमित का यह कृत्य अगर कानूनी कार्रवाई के परिधि में आता है, तो वे जल्द ही विषय विशेषज्ञों से राय लेकर अमित चंद्राकर के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। पूर्व साडा अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्राकर ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दामाद की हिस्सेदारी होने से संबंधित दिए गए एक बयान पर जवाब देते हुए इस आरोप को बेबुनियाद बताया हैं। श्री चंद्राकर ने सफाई देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दामाद कांग्रेस नेता क्षितिज चंद्राकर का चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में कोई शेयर नहीं हैं, ना ही उनके पिता विजय चंद्राकर की कॉलेज में कोई हिस्सेदारी हैं। जानकारी के अभाव में केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने गलत आरोप लगाया हैं। इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। लक्ष्मण चंद्राकर ने यह भी दावा किया है कि अगर केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया अपने आरोपों को सिद्ध कर दें, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। लक्ष्मण चंद्राकर ने कहा हैं कि श्री सिंधिया के आरोपों से छत्तीसगढ़ के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। जिसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी के विषय विशेषज्ञों से राय मशवरा कर केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया के विरुद्ध जल्द ही मानहानि का दावा करेंगे। मीडिया से चर्चा के दौरान पूर्व साडा अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्राकर के साथ दुर्ग नगर निगम के सभापति राजेश यादव, एल्डरमैन गोलू गुप्ता, कांग्रेस नेता अजय शर्मा, विशाल देशमुख, भूपेंद्र चंद्राकर भी मौजूद थे।