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रायपुर. दीपावली जैसे-जैसे करीब आती जा रही है, यह सवाल तेजी से सामने आ रहा है कि इस साल पटाखे चलाए जाएंगे या नहीं। इसी बीच दिल्ली तथा राजस्थान में वहां की सरकारों ने पटाखों पर बैन लगाया है। इधर छत्तीसगढ़ में सरकार की संस्था छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों तथा पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर आग्रह किया है कि कोरोना महामारी तथा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त होगा कि पटाखे न जलाए जाएं।
पर्यावरण संरक्षण मंडल चाहता है कि इस साल पटाखों पर रोक लगे, लेकिन राज्य सरकार इस मामले में अभी मंथन कर रही है।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी कलेक्टरों तथा पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी किया है। उन्होंने अपने पत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली (एनजीटी) के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि जन स्वास्थ्य (कोविड 19 महामारी) एवं पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पटाखे न जलाए जाएं। साथ ही ये भी कहा गया है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली द्वारा 2 नवंबर को जारी आदेश का पालन करें।

छत्तीसगढ़ में भी बढ़ रहा है प्रदूषण
जहां तक छत्तीसगढ़ का सवाल है, मौसम में बदलाव की शुरुआत के साथ ही राज्य के औद्योगिक व बड़े शहरों रायपुर, भिलाई, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा सहित अन्य इलाकों में मौसम का तापमान कम होने के साथ ही धूल-धुएं का वातावरण बनता जा रहा है। औद्योगिक प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में पटाखों से होने वाले प्रदूषण को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की चिंता सामने आई है। बताया गया है कि राज्य शासन भी पटाखों पर बैन के मामले में मंथन कर रहा है। फिलहाल पटाखों पर बैन को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है।

प्रदूषण बढ़ा तो घातक हो जाएगा कोरोना
पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव ने कलेक्टर-एसपी को लिखे पत्र में एनजीटी के निर्देशों के हवाले से कहा है कि विभिन्न पर्वों जैसे दीपावली, नववर्ष में पटाखे का बहुतायत से उपयोग किया जाता है। इससे वातावरण में वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि होती है। पटाखे जलाने से कई विषैली गैसें जैसे एसओटू, नाइट्रोजन आक्साइड तथा कार्बन डाइऑक्साइड आदि के साथ अन्य भारी धातु अपशिष्ट के रूप में उर्त्सजित होते हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने से कोविड 19 महामारी के वायरस के घातक रूप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोविड महामारी के दौर में वायू प्रदूषण अधिक होने से कोविड 19 के रोगी बहुतायत में बढ़ने की संभावना है।

थोक कारोबारियों के छह करोड़ के पटाखे जाम

कोरोनाकाल के कारण इस बार पटाखा कारोबारियों ने वैसे ही पिछले साल की तुलना में 50 फीसदी कम पटाखे मंगाए हैं। इतना कम स्टॉक मंगाने के बाद भी स्थिति यह है कि इसमें से अब तक 25 फीसदी की बिक्री मुश्किल से हो सकी है। आगे ज्यादा से ज्यादा 25 फीसदी और बिक्री की ही संभावना है। थोक कारोबारियों का 75 फीसदी माल अब तक नहीं बिका। चिल्हर कारोबारी भी धंधे की सुस्त रफ्तार को देखकर परेशान हैं कि उनके माल का क्या होगा।

कोरोना के कहर के कारण हर सेक्टर में स्थिति खराब रही है। अनलॉक के कारण कई सेक्टरों की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। इधर अब तक त्योहारों पर भी कोराेना का साया रहा है, दीपावली में हालांकि किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है, लेकिन कोरोना के डर के कारण पटाखों का कारोबार मंदा हाे गया है। नवरात्रि के बाद पटाखों की बिक्री में तेजी आती है। दशहरे पर भी पटाखों की जमकर ब्रिकी होती है, लेकिन इस बार दशहरे पर भी पटाखे बहुत कम बिके।

कारोबारी परेशानी में

प्रदेश में दो दर्जन से ज्यादा पटाखों के थोक और एक हजार से ज्यादा चिल्हर कारोबारी हैं। रायपुर में ही एक दर्जन थोक और करीब सौ चिल्हर कारोबारी हैं। इस बार थोक कारोबारियों ने शिवाकशी से पिछले साल की तुलना में 50 फीसदी पटाखे कम मंगाए हैं। सामान्य समय रहता ताे कारोबारी कम से कम 20 करोड़ के पटाखे मंगाते, लेकिन इस बार 8 से 10 करोड़ के ही पटाखे मंगाए गए हैं। इसमें से भी अब तक थोक कारोबारियों के 25 फीसदी ही पटाखे बिके हैं। थोक कारोबारी कहते हैं, अब तक चिल्हर दुकानाें में ग्राहकी ही नहीं है। जब तक चिल्हर वालों का स्टॉक समाप्त नहीं होगा, वे और स्टॉक लेने का जोखिम नहीं लेंगे। कारोबारी यही मानकर चल रहे हैं, ज्यादा से ज्यादा 25 फीसदी और कारोबार होगा।

लोगों का रुझान नहीं

थोक के साथ चिल्हर कारोबारी कहते हैं, इस बार कोरोना के कारण लोग इतने ज्यादा डरे हुए हैं कि उनका पटाखों की तरफ रुझान ही नहीं है। सामान्य समय रहता तो अब तक 75 फीसदी स्टॉक समाप्त हो जाता, लेकिन अभी महज 25 फीसदी ही स्टॉक बिका है। व्यापारी कहते हैं, इधर पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, ऐसे में लोग इंतजार कर रहे हैं कि क्या फैसला हाेता है। धनतेरस के बाद ही बिक्री में कुछ तेजी आएगी।

शासन के निर्देशानुसार चीनी पटाखों और अवैध रूप से बिकने वाले पटाखों को लेकर कार्रवाई कर रहे हैं। कोरोना काल है, इसलिए लोगों से अपील कर रहे हैं कि पटाखों का उपयोग न करें। प्रतिबंध के संबंध में अभी फैसला नहीं लिया गया है।
-डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर, रायपुर

अब तक 25 फीसदी बिक्री

इस बार कोरोना काे देखते हुए थोक कारोबारियों ने पिछले साल की तुलना में 50 फीसदी पटाखे कम मंगाए हैं। अब तक 25 फीसदी की ही बिक्री हुई है। सामान्य समय में अब तक 75 फीसदी माल बिक जाता था।
इस्माइल मोहम्मद, अध्यक्ष, रायपुर थोक पटाखा एसोसिएशन