पोलैंड में अगले माह 29 मई से शुरु होगी फुटबॉल लीग

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Ro No. 12111/89

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दक्षिणापथ, दुर्ग । कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन बड़जात्या, प्रदेश एमएसएमई प्रभारी मोहम्मद अली ही, प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय चौबे, दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष प्रहलाद रूंगटा, दुर्ग शहर इकाई अध्यक्ष सुशील बाकलीवाल, दुर्ग युवा इकाई अध्यक्ष रवि केवलतनी सहित सभी पदाधिकारियों ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर तथा किसान आंदोलन को देख रहे केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल को आज एक पत्र भेज कर किसानों के आंदोलन के मुद्दे पर कल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस मुद्दे के समग्र समाधान के लिए एक कमेटी गठित करने के निर्देश का उल्लेख करते हुए कहा है की क्योंकि देश के करोड़ों व्यापारियों एवं अन्य वर्गों का भी कृषि कानूनों से सीधा सम्बन्ध है, इसलिए कैट को भी इस कमेटी में शामिल किया जाना चाहिए ताकि इस ज्वलंत विषय पर व्यापारियों के पक्ष की भी सुनवाई हो सके ! कैट ने आग्रह किया है की इस सम्बन्ध में सर्वोच्च न्यायालय को भेजी जाने वाली सूची में सरकार कैट के भी नाम सम्मिलित करे !

कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन बड़जात्या ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं रा ष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने श्री तोमर एवं श्री गोयल को भेजे पत्र में कहा है की कृषि कानून को न केवल किसानों के साथ बल्कि अन्यअनेक स्टेकहोल्डर्स के साथ सीधा सम्बन्ध है जिसमें किसानों द्वारा बीज की बुवाई, जमीन की खेती और अंत में किसानों द्वारा उपजाई गई फसलों को उपभोक्ता तक पहुंचाने का सारा काम व्यापारियों के द्वारा ही होता है ! व्यापारियों की यह आपूर्ति श्रृंखला खेती के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसलिए कृषि कानूनों की दृष्टि से व्यापारियों का महत्वपूर्ण रोल है और देश भर में करोड़ों व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए उक्त समिति के सदस्य के रूप में कैट को अवश्य शामिल किया जाना चाहिए !

दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष प्रहलाद रूंगटा ने बताया कि भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने कहा की देश में बड़ी संख्या में व्यापारी कृषि से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों में लगे हुए हैं जैसे मंडियों और मंडियों के बाहर काम करने वाले व्यापारी, किसानों को उनकी फसल के लिए , परिवहन, अनेक कृषि वस्तु, खाद्यान्न, कृषि उपकरण और औजार, खाद्य प्रसंस्करण, खाद्यान . बीज का व्यापार ,कीटनाशक, उर्वरक, कृषि वाहन, कृषि यंत्रों के स्पेयर पार्ट्स, और उपकरण, वाहनों के कलपुर्जे, मोटर, रबड़ और प्लास्टिक पाइप, परिवहन और रसद सहित अन्य अनेक सामान जो खेती की सामान्य प्रक्रिया से जुड़े हैं और किसानों को उनकी खेती एवं फसलों के एवज में राशि मुहैय्या कराते हैं ! इसलिए कृषि बिलों से उपजे वर्तमान मुद्दों पर कोई भी निर्णय लेते समय सभी स्टेकहोल्डर्स के हितों की रक्षा करने की आवश्यकता है।

किसानों के आंदोलन के कारण पहले ही आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है कर दिया जिससे आने वाले समय में लोगों द्वारा आवश्यक सामग्री, दवाओं और दैनिक उपयोग की वस्तुओं सहित सामग्री की आपूर्ति पर एक विपरीत प्रभाव पड़ने की बड़ी सम्भावना है जिसको देखते हुए कैट को भी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित होने वाली कमेटी में शामिल किया जाना बेहद आवश्यक है !