विज़न है तो केंचुआ बेचकर भी ढाई लाख रुपए कमाये जा सकते हैं

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नई दिल्ली । जिस कंपनी में व्यक्ति काम कर रहा है, अगर वहां पर उसे मोटे गिफ्ट मिलते हैं या फिर उस पर सैलरी से अलग कोई खर्च किया जा रहा होगा तो अब वो भी टैक्स के दायरे में आ जाएगा। सरकार ने बजट में प्रावधान किया है कि इस साल से कंपनी के ऊपर 10 फीसदी टैक्स काटने का नियम बनाया गया है। वित्तवर्ष 2022-23 के बजट में आयकर कानून में नया प्रावधान 194 आर जोड़ा गया है। इसके तहत जो कंपनियां बिजनेस प्रमोशन के तहत एजेंट, स्टॉकिस्ट, होलसेलर या बाकी सप्लाई चेन से जुड़े लोगों को गिफ्ट देती है या फिर काम के एवज में विदेश दौरे का तोहफा देती है तो उसे खर्च हुई कुल रकम से 10 फीसदी टीडीएस काटकर आयकर विभाग के पास जमा कराना होगा। ये टैक्स तभी जमा कराना होगा जब गिफ्ट या फिर किए गए खर्च की रकम 20 हजार या उससे ऊपर है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे खर्च पर ये टीडीएस की रकम तकरीबन हर उस कंपनी को आयकर विभाग के पास जमा कराना होगी जो ऑडिट के दायरे में आते हैं। इसके तहत कंपनियों में डायरेक्टर्स पर किए जाने वाले खर्च भी शामिल हो सकते हैं। कंपनियों की तरफ से डायरेक्टर को दिए जाने वाले गेस्टहाउस या फिर दूसरी सुविधाओं पर हुआ खर्च पर भी अब कंपनियों को टीडीएस काटकर जमा कराना होगा। एक करोड़ रुपए से ऊपर के कारोबार या फिर 50 लाख रुपए से ज्यादा के प्रोफेशनल्स के ऊपर नए टैक्स की व्यवस्था लागू होगी। इसके तहत गिफ्ट दिए जाने वाले अलग तरह के कूपन या फिर गिफ्ट वाउचर्स भी टैक्स के दायरे में आएंगे। एक वित्त वर्ष में ये सारी रकम 20 हजार रुपए से ज्यादा हुई, तब टीडीएस काटना अनिवार्य किया गया है। इन चीजों पर टैक्स की व्यवस्था पहले से ही थी लेकिन सरकार ने टीडीएस काटने का फैसला इसलिए किया गया ताकि टैक्स जमा करने में किसी तरह की गलती न हो।