कोरोना ने दिया आत्मनिर्भर बनने का सबसे बड़ा सबक : पीएम मोदी

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आज ई-ग्रामस्वराज पोर्टल-मोबाइल ऐप और स्वामित्व योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना ने हमें सबसे बड़ा सबक दिया है। हमें आत्मनिर्भर बनना ही होगा। गांवों को अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बनना होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा, ‘कोरोना ने हम सभी के काम करने के तौर तरीकों को काफी बदल दिया है। पहले हम किसी कार्यक्रम को आमने-सामने रहकर करते थे, लेकिन आज वही कार्यक्रम वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से करना पड़ रहा है। कोरोना महामारी ने हमारे लिए अनेक मुसीबतें पैदा की हैं, जिनकी हमने कभी कल्पना तक नहीं की थी।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘इस महामारी ने हमें नई शिक्षा और संदेश भी दिया है। कोरोना संकट ने सबसे बड़ा सबक हमें जो सिखाया है कि अब हमें आत्मनिर्भर बनना ही पड़ेगा। बिना आत्मनिर्भर बने ऐसे संकटों से निपटना मुश्किल है। गांव अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बने, जिला अपने स्तर पर, राज्य अपने स्तर पर।’ देश को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘पूरा देश कैसे आत्मनिर्भर बने, अब ये बहुत आवश्यक हो गया है। 5-6 साल पहले एक दौर वो भी था जब देश की सौ से भी कम पंचायतें ब्रॉडबैंड से जुड़ी थीं। अब सवा लाख से ज्यादा पंचायतों तक ब्रॉडबैंड पहुंच चुका है। इतना ही नहीं, गांवों में कॉमन सर्विस सेंटरों की संख्या भी तीन लाख को पार कर रही है।’

सरकार के कामों को गिनाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘सरकार ने भारत में ही मोबाइल बनाने का जो अभियान चलाया है, उसी का परिणाम है कि आज गांव-गांव तक कम दामों वाले स्मार्ट फोन पहुंच चुके हैं। ये आज जो इतने बड़े स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंस हो रही हैं, ये सब इसी के चलते मुमकिन हो पाया है।’

प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन में गांवों की भागीदारी का जिक्र कर तारीफ की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गांवों ने संस्कारों से अच्छी शिक्षा दी है। गांवों से अपडेट आ रही हैं वो बड़े-बड़े लोगों को प्ररेणा देने वाली है। हिंदुस्तान के हर गांव और वासियों को प्रणाम करता हूं। आपने दुनिया को बहुत सरल शब्दों में मंत्र दिया है। आपने सिंपल शब्दों में कह दिया न सोशल डिस्टेंसिंग, न लॉकडाउन, आपने मैसेज दिया दो गज दूरी की। दो गज देह की दूरी का मंत्र दुनिया को दिया। मोदी ने कहा, ‘कोरोना संकट ने अपना सबसे बड़ा संदेश, सबक हमें दिया है, सिखाया और एक प्रकार से उस रास्ते पर चलने के लिए दिशा दिखाई है। कोरोना काल के अनुभव से हमने पाया है कि अब हमें आत्मनिर्भर बनना ही पड़ेगा। बिना आत्मनिर्भर बने ऐसे संकटों को झेल पाना भी मुश्किल हो जाएगा।’ मोदी ने आगे कहा कि गांव अपने स्तर पर, जिला अपने स्तर पर और राज्य अपने स्तर पर और इसी तरह पूरा भारत कैसे आत्मनिर्भर बने। अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हमें कभी भी बाहर का मुंह नहीं देखना पड़े यह तय करना होगा। बदली परिस्थितियों ने यह याद दिलाया है कि आत्मनिर्भर बनो।

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