रमन सिंह, धरमलाल कौशिक कवर्धा में शांति बहाली नहीं राजनीति करने गये थे

भाजपा का काम कलह फैलाना-विजय देवांगन

दक्षिणापथ, धमतरी। नगर ‌निगम के महापौर विजय देवांगन ने कहा कि भाजपा का काम कलह फैलाना है। भाजपा हमेशा से धर्म से धर्म को लड़ा कर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने और देश प्रदेश की सामाजिक समरसता भाईचारा एकता अखंडता को खंडित करने का काम किया है।
उन्होंने ने कहा कि कवर्धा में फैली अशांति के पीछे भी भाजपा के द्वारा बाहर से बुलाए गए लोगों की संलिप्तता उजागर हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित भाजपा के नेता कवर्धा में शांति स्थापित करने अपील करने नहीं बल्कि अशांति की भभक रही आग में घी डालने की नीयत से गए थे। कवर्धा के 35 संगठनों ने शांति की अपील के साथ बाहर से जाकर कवर्धा के वातावरण को खराब करने वालों की निंदा की। आज कवर्धा के वरिष्ठजनों ने सद्भावना मार्च निकालकर एवं शांति हवन किया। वही मुसलमानों ने दुर्गा पंडाल में जाकर भगवाध्वज लगाये, तोरण लगाये। कवर्धा की जनता ने भाजपा के घृणा और नफरत फैलाने की राजनीति को आईना दिखाने का काम किया है।
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के अब तक के कार्यकाल के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दाविहीन हो चुकी है। मुद्दों के दिवालियापन के दौर से गुजर रही है। भाजपा नेताओं को छत्तीसगढ़ के खुशहाल होते किसान, युवा, मजदूर, आदिवासी वर्ग, पिछड़ा वर्ग, व्यापारी वर्ग की खुशहाली पच नहीं रही है। बस्तर में चिंतन शिविर में जिस प्रकार से भाजपा के प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को छत्तीसगढ़ सरकार के ऊपर थूककर बहा देने की अपील की, इससे भाजपा के घृणा और नफरत फैलाकर राजनीतिक रोटी सेकने का संकेत मिलता है। भाजपा ने चिंतन शिविर में तय घृणा और नफरत फैलाने की रणनीति को ही आगे बढ़ा रही है। उसी के रणनीति का हिस्सा था झूठा और तथ्यहीन धर्मांतरण का आरोप लगाना। जबकि भाजपा के 15 साल में ही सबसे ज्यादा धर्मांतरण की घटनाएं हुई है। भाजपा ने कवर्धा की छोटी घटना को जिसे कवर्धा के वासियों ने शांति समिति की बैठक में खत्म कर दिया था, बाहर से लोगो को इकठ्ठा कर कवर्धा में अशांति फैलाने की कोशिश की। छत्तीसगढ़ की शांत धरती को अशांत करने का षड्यंत्र किया।
उन्होंने ने कहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कवर्धा के मामले में स्पष्ट निर्देश दिया जो भी दोषी होंगे उन्हें बख्शा नही जाएगा, और कवर्धा के शांति भंग करने वाले जो चेहरा है उन्हें सार्वजनिक किया जाए।

error: Content is protected !!