मरकज के अकाउंट में अचानक बढ़ा कैश फ्लो, बैंकों से अलर्ट जारी

नई दिल्ली। कोरोना कनेक्शन सामने आने के बाद तबलीगी जमात पर शिकंजा कसा है। इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को जमात की फंडिंग को लेकर कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। दरअसल, निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज पर कार्यक्रम से पहले बैंकों की ओर से एक अलर्ट जारी किया था। बैंक ने अपने अलर्ट में कहा था कि मरकज के अकाउंट में अचानक कैश फ्लो बढ़ गया है। यह पैसे विदेशों से आ रहे हैं। इस बाबत बैंक के अधिकारियों ने जमात के अमीर मौलाना साद से मुलाकात करने की कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं मिला। क्राइम ब्रांच ने इस तरह के अलर्ट को नजरअंदाज करने जमात के अकाउंटेंट्स से जवाब मांगा है।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने मौलाना साद के कोरोना संक्रमित होने की खबर का खंडन किया है। उनका कहना है कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। मौलाना साद निजी डॉक्टर के संपर्क में है, इसलिए हो सकता है कि उसने कोविड-19 टेस्ट कराया हो। फिलहाल, साद का लोकेशन जाकिर नगर के आस-पास बताया जा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम को होटलों में रहने का निर्देश दिया है। वही मरकज में 2041 विदेशी आए थे। इसमें से 284 विदेशियों का रेस्क्यू किया गया था, जिन्हें दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन मरकज के 7 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इनमें मौलाना साद भी शामिल है। इनके खिलाफ आईपीसी 304,308,120 बी, 269,270,271 और 188 की धारा में केस दर्ज है। इन पर महामारी एक्ट भी लगाया है। पुलिस ने कल ही गैर इरादतन हत्या की धारा को भी जोड़ा है।

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