अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए देश और दुनिया में विख्यात बस्तर की तस्वीर बदल रही है

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Ro No. 12111/89

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दक्षिणापथ। अगर आपको अचानक से घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है तो उसे नजरअंदाज न करें क्योंकि इसके कारण आपको उठने-बैठने और चलने-फिरने में काफी दिक्कत हो सकती है। वैसे कई लोग घुटनों के दर्द से राहत पाने के लिए पेनकिलर खा लेते हैं, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिहाज से सही नहीं है। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के अभ्यास का तरीका बताने जा रहे हैं, जो घुटनों के दर्द को जल्द दूर कर सकते हैं।
वीरासन
वीरासन के लिए पहले योगा मैट पर वज्रासन की मुद्रा में एकदम सीधे बैठें, फिर धीरे-धीरे अपने तलवों को फैलाएं और अपने कूल्हों को दोनों पैरों के बीच में से जमीन पर टिकाने की कोशिश करें। इसके बाद दोनों हाथों को सीधा तान कर घुटनों पर रखें। इस दौरान अपने कंधों को आराम की मुद्रा में रखें। इसी मुद्रा में तीन से चार मिनट तक रहने के बाद धीरे-धीरे प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
उत्थित पार्श्वकोणासन
उत्थित पार्श्वकोणासन के लिए पहले योगा मैट पर दोनों पैरों को एक दूसरे से दूर फैलाएं। अब दाहिने पैर के पंजे को बाहर की तरफ घुटने से धीरे-धीरे मोड़ें और उसी मुद्रा में नीचे की ओर बैठें, फिर अपने दाएं हाथ को दाएं पैर के पास जमीन पर रखें और बाएं हाथ को ऊपर की ओर सीधा 90 डिग्री के एंगल में रखने की कोशिश करें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहने की कोशिश करें, फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।
पर्श्वोत्तनासन
पर्श्वोत्तनासन के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं, फिर अपने दाहिने पैर को थोड़ा आगे की ओर बढ़ाएं और अपने हाथों से पीठ के पीछे प्रार्थना की मुद्रा बनाएं। अब बिना घुटनों को मोड़े आगे की ओर झुकने की कोशिश करें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहने के बाद सामान्य हो जाएं। इस अभ्यास के दौरान अगर आप अपने हाथों को पीठ के पीछे नहीं कर पा रहे हैं तो आप उन्हें नीचे जमीन से सटा सकते हैं।
गरुड़ासन
गरुड़ासन के अभ्यास के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। इस दौरान आप सामान्य रूप से सांस लेने की प्रक्रिया जारी रखें। अब पूरे शरीर का संतुलन दाएं पैर पर ले आएं और बाएं पैर को घुटने की पीछे हिस्से के ऊपर ले जाएं, फिर अपनी दोनों बाजुओं को कोहनी से मोड़ते हुए क्रास बना लें और इस मुद्रा में जितनी देर हो सके खुद को बनाकर रखें। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।