9वीं और 11वीं में खराब प्रदर्शन वालों के टेस्ट ले सकते हैं स्कूल, सीबीएसई से एफएक्यू जारी

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण 9वीं व 11वीं के बच्चों को स्कूल आधारित मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षाओं में प्रमोट करने को कहा है। सीबीएसई बोर्ड ने कहा कि स्कूल उनके लिए ऑनलाइन टेस्ट का आयोजन कर सकते हैं। वहीं 12वीं के जिन विषयों की परीक्षा आयोजित नहीं होगी, बोर्ड मार्कशीट में उनके अंकों को भी शामिल करने का प्रावधान कर रहा है। सीबीएसई ने स्कूलों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए फ्रिक्वेंटली एस्क्ड क्वेश्चन (एफएक्यू) जारी किए हैं। इनमें ही बोर्ड ने यह जानकारी उपलब्ध कराई है।
उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने 9वीं व 11वीं के विद्यार्थियों को स्कूल में होने वाले टेस्ट, प्रोजेक्ट वर्क, अर्धवार्षिक परीक्षाओं के आधार पर प्रमोट करने के लिए कहा है। कई छात्र ऐसे भी हैं, जिनका इनमें खराब प्रदर्शन रहा है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी छात्र को उसके पहले के प्रदर्शन के आधार पर प्रमोट नहीं किया जा सकता तो स्कूल समय का सदुपयोग करते हुए उसे स्कूल आधारित ऑनलाइन टेस्ट में उपस्थित होने का अवसर दे सकते हैं।
इस तरह के टेस्ट के आधार पर उसे अगली कक्षा में पदोन्नत किया जा सकता है। बोर्ड पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि 10वीं व 12वीं के केवल 29 मुख्य विषयों की परीक्षाएं आयोजित होंगी। ऐसे में बाकी विषयों के लिए अलग से मूल्यांकन दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। बोर्ड का कहना है कि भले ही कुछ विषयों की दोबारा परीक्षा नहीं हो रही, लेकिन उनके अंक मार्कशीट में शामिल किए जाएंगे। बोर्ड इसके लिए प्रावधान कर रहा है। वहीं जो छात्र उत्तर पूर्वी जिले में हुई हिंसा के कारण परीक्षा में उपस्थित नहीं हो सके, उनके लिए कुछ विषयों की परीक्षाएं दोबारा आयोजित की जा रही हैं।

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