सेनानी 3री वाहिनी छ.ग.बल में सघन वृक्षारोपण....

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Ro No. 12111/89

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दक्षिणापथ (पवन देवांगन)। नए साल का नया दिन ....छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार के लिए भी नए उम्मीदों का अभ्युदय। पारिवारिक स्तर पर भी मुख्यमंत्री के एकमात्र सुपुत्र चैतन्य बघेल के लिए पुत्र वधु की तलाश भी पूर्ण हो गई। मतलब छत्तीसगढ़िया सरकार के लिए चहुओर खुशियां ही खुशियां। उम्मीद है, सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ियो के लिए नया साल 2022 खुशियों से लबरेज रहेगा। बीते साल छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने विविध मोर्चों पर काबिलेतारीफ सफलता हासिल की है। राज्य के लोगो की खुशहाली में इजाफा हुआ है।जीवन स्तर उठा है। प्रति व्यक्ति आय बढ़ा है। कोरोना संकट के बावजूद राज्य ने आर्थिक कीर्तिमान गढ़े हैं। अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार से राज्य सम्मानित हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राष्ट्रीय जननेता के तौर पर और भी सशक्त बन कर उभरे हैं। सरकार को तीन साल बीत चुके है। आखिरी के दो साल चुनौतियों से भरे होंगे, इसमें दोमत नही। पर सरकार कितनी कुशलता से इसका सामना करती है, यह निर्णयकारी साबित होगी। किसी भी सरकार के उत्तरार्ध कार्यकाल में जन उम्मीदो का तूफ़ान आ खड़ा होता है। यह नाजुक वक्त सरकार के आगे का भविष्य तय करता है। लगातार पुष्ट होते भारतीय गणतंत्र में लोग भी होशियार हो गए है। अपनी मांगों को लेकर किसान, मजदूर, नौकरीपेशा वर्ग के अलावा व्यवसायी, ट्रेड संगठन, अर्द्ध सरकारी एम्प्लाई सभी आंदोलन की रणनीति पर उतर जाते है। छत्तीसगढ़ सरकार के समक्ष भी वह समय आने वाला है। लेकिन अनुभवी मुख्यमंत्री भूपेंश बघेल आगत हालातो से अंजान नहीं। शनै-शनै वे सभी वर्गों को साधते चल रहे हैं। वर्तमान सियासी परिदृश्य में भाजपा अभी चारो खाने चित्त है। कालीचरण के मसले पर भूपेश सरकार ने जिस तरह त्वरित कार्यवाही की है, लोगो का कानून व्यवस्था पर विश्वास बढ़ा है। बहरहाल, सरकार सफलता के नित नए कीर्तिमान बनाते चल रही है। प्रदेश की सत्ता में पहली बार काबिज हुई नितांत विशुद्ध छत्तीसगढ़िया सरकार को लोगों ने सर आंखों पर बिठाया, अब सरकार भी जनउम्मीदो पर चटक रंग भरे, यह जिम्मेदारी है।