अक्सर ट्रोल्स के निशाने पर होती हैं आमिर खान की बेटी इरा

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Ro No. 12111/89

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‘’दिवाली की बिक्री पर चीनी सामान का नामोनिशान तक नहीं -बाजारों में ग्राहकों द्वारा खरीददारी चालू‘’

दक्षिणापथ, दुर्ग । कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश उपाधयक्ष पवन बड़जात्या, प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय चौबे, प्रदेश एमएसएमई प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी, दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष प्रहलाद रूंगटा, दुर्ग शहर इकाई अध्यक्ष सुशील बाकलीवाल, मनोज गोयल, अमर कोटवानी ने बताया कि देश के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज (कैट) ने इस वर्ष की दिवाली पर एक तीर से कई शिकार वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए एवं भारत की विश्व प्रसिद्ध जुगाड़ टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करते हुए जहां एक तरफ चीनी वस्तुओं का बहिष्कार कर भारतीय सामान को ही उपयोग में लाने का आह्वान किया है वहीं दूसरी ओर बड़ी ई कामर्स कम्पनियों के अनैतिक ऑनलाइन व्यापार को चुनौती दी है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने का एक नायाब तरीका अपनाया है और वो हथियार बना है व्हाटसैप। दिवाली की बिक्री को लेकर जहां व्यापारी अपनी दुकानों पर सामान बेच रहे हैं वहीं व्हाटसैप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया के जरिए भी अतिरिक्त बिक्री कर भारतीय सामानों को बेच रहे हैं।
कैट के प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय चौबे ने बताया की कैट का अपना ई कामर्स पोर्टल भारतईमार्केट दिसम्बर में लॉंच होगा लेकिन दिवाली की त्यौहारी बिक्री को ध्यान में रखते हुए कैट ने अगस्त महीने में देश भर में फैले व्यापारी संगठनों के जरिए व्यापारियों को व्हाटसैप पर अपने सामान के पावर पोईंट प्रेसेंटेशन को बना कर अपने ग्राहकों, मिलने जुलने वाले लोगों , रिहायशी सोसाईटियों, रिहायशी कोलोनियों आदि में रहने वाले लोगों को भेजकर उनसे व्हाट्सऐप एवं अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर लेने एवं अपनी दुकानों के कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों के घर तक सुरक्षित डिलिवरी करने का सुझाव दिया था , जिसे देश भर में व्यापारियों ने स्वीकार किया और अब सोशल मीडिया के जरिए एक बड़ा व्यापार न केवल व्यापारी कर रहे हैं बल्कि महिला ऊद्यमी, ग्रहणियाँ, पड़े लिखे युवा एवं युवती तथा अन्य लोग बेहद उत्साह से कर रहे हैं जिसमें लागत लगभग न के बराबर है और फायदे भरपूर हैं। कैट ने इसी योजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों के शिल्पकारों, कारीगरों, हस्तकला कारीगरों आदि को भी जोड़ा है जिनके साथ मिलकर व्यापारी संगठन कैट के बैनर तले स्व-रोजगार के बड़े अवसर प्रदान कर रहे हैं। श्री पारवानी ने बताया की अकेले दिल्ली एनसीआर में लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग तथा देश भर में लगभग 10 लाख से ज्यादा लोग व्हाट्सऐप एवं अन्य सॉइल मीडिया के जरिये व्यापार कर रहे हैं।
संजय चौबे ने बताया की शिपराकेट द्वारा 1 सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच देश के विभिन्न राज्यों में 40,816 व्यापारियों के बीच कराया गए एक सर्वे की एक रिपोर्ट में इस बात की तस्दीक की गई है की सोशल मीडिया के जरिये देश में एक नया बाजार तेजी से विकसित हो रहा है। सर्वे के अनुसार नए विक्रेताओं में लगभग 17.96 प्रतिशत व्यापारी व्यापार के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं जबकि पहले से ही व्यापार कर रहे व्यापारियों में 35.19 प्रतिशत व्यापारी ऑनलाइन वेबसाइट का उपयोग कर रहे हैं। उधर दूसरी ओर नए विक्रेताओं में 12.04 प्रतिशत व्यापारी ऑफलाइन बाजार के जरिये व्यापार कर रहे हैं । दिवाली के इस त्यौहारी माहौल में व्यक्तिगत रखरखाव (18.45 प्रतिशत), खाने एवं ग्रोसरी की वस्तुएं (16.51 प्रतिशत ), वस्त्र (15.09 प्रतिशत ), इलेक्ट्रॉनिक्स (11.37 प्रतिशत ), स्वास्थ्य (7.60 प्रतिशत ), घरेलु वस्तुएं एवं साफ सफाई की वस्तुएं (4.59 प्रतिशत ), तथा ज्वेलरी का प्रतिशत (3.83 प्रतिशत ).है । इससे साफ जाहिर है की धीरे -धीरे सोशल मीडिया के जरिये छोटे व्यापारी अपने व्यापार का दायरा फैला रहे हैं जो देश के लिए एक शुभ संकेत है क्योंकि इन सब जरियों से भारतीय सामान ही बेचा जा रहा है।
संजय चौबे ने बताया की गत तीन दिनों से देश भर के बाजारों में ग्राहकों की दिवाली की खरीददारी बेहद तेजी से शुरू हो गई है लेकिन खास बात यह है की चीनी वस्तुएं जो हर साल दिवाली पर बड़ा व्यापार करती थी, इस बार चीनी सामान का पूर्ण बहिष्कार व्यापारियों एवं ग्राहकों द्वारा किया जा रहा है और भारत में बने सामान की मांग अधिक है। गत 10 जून से देश भर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का कैट के आव्हान और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान का गहरा असर लोगों पर हुआ है और इस बार भारत के लोगों ने चीन को सबक सिखाने की ठानी है। इस बहिष्कार से चीन को लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का नुक्सान होना तय है। कोरोना के इस भीषण काल में पिछले आठ महीनों से व्यापारी हाथ पर हाथ धर कर बैठे हैं और देश भर में व्यापारियों के बहुत बड़ा नुक्सान हुआ है लेकिन किसी भी सरकार ने व्यापारियों को राहत देने की कोई कोशिश तक नहीं की वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन कंपनियों ने भी अपनी अनैतिक व्यापारिक नीतियों के चलते व्यापारियों के व्यापार को बर्बाद करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन इस बात की जरा भी परवाह न करते हुए कैट ने सभी मोर्चों पर एक साथ लड़ने के लिए व्यापारियों का आव्हान किया और दिवाली से बेहतर कोई और मौका हो नहीं सकता था । इस मौके को भुनाने में कैट ने अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी है।