सिंधी समाज संत बाबा आसुदाराम सेवा समिति पहुँचे संबलपुरी गौठान-गायों को खिलाया हरा चारा

विशेष अवसरों पर गौठान आने लगे शहर के समाजसेवी-कमिश्नर
दक्षिणापथ रायगढ़ (सरोज श्रीवास)।
सिंधी समाज संत बाबा आसुदाराम सेवा समिति रायगढ़ इकाई द्वारा संबलपुरी गौठान पर 250 किलोग्राम सब्जियां गौ माताओं को खिलाई गई, विदित हो की रायगढ़ नगर निगम द्वारा संचालित शहरी गौठान संबलपुरी में 500 से अधिक मवेशियों को रखा गया है जहां प्राकृतिक चारे के साथ अनुकूल वातावरण भी है,जिला कलेक्टर भीम सिंह के मार्गदर्शन में निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय इस गौठान को आदर्श गौठान बनाना चाहते है,विगत दिनों आयुक्त के द्वारा अपील भी की गई कि लोग अपने बुजुर्गों की स्मृति में या जन्मदिवस या किसी विशेष अवसर पर गौठान आकर गौ सेवा करे अंतर्मन को सुकून मिलेगा।अब उसी तारतम्य में शहर के समाजसेवी सामने आने लगे,और गौठान आकर कोई अपना श्रमदान तो कोई चारा दान,तो कोई सहयोग राशि दान देकर गौठान से जुड़कर हाथोंहाथ लेने लगे है।उसी तारतम्य में आज सिंधी समाज भी गौ माता के सेवा के लिये सामने आए और उन्होंने कहा कि आगे भी इस संस्थान द्वारा सखी बाबा जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 19 अप्रैल (सोमवार) एवं 21 अप्रैल (बुधवार) को भी गौ माताओं को हरि सब्जियां का चारा खिलाने के साथ गौ माता की ल सेवा की जायेगी ।समिति के अध्यक्ष डॉ-ए,एल,डेम्ब्रा जी के मार्गदर्शन में घनश्याम दास आहूजा, रूपचंद लालवानी, डॉ-कांतिलाल डेम्ब्रा,राकेश माखीजा,हरीश बलानी, चन्दर रोरा, कमल लालवानी, संतोष खत्री, हन्नी बलानी,राजू वलेचा द्वारा सेवा कर जिला प्रशासन एवम निगम प्रशासन की प्रशंसा की गई की इन घुमंतू मवेशियों को उनके अनुकूल प्राकृतिक वातावरण मिल गया,नही तो शहर के सड़को में ये दुर्घटना का शिकार हो जाते थे।
सिंधी समाज से पहले भी कई समाजसेवी और संस्था गौठान के लिये आगे आये और सेवा एवम देखभाल के लिये हाथों हाथ लिया।
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने बताया कि जिस तरह से शहर के नामचिन्ह समाजसेवी गौठान से जुड़ रहे है निःसंदेह यह एक ब्यवस्थित आदर्श गौठान बनेगा,समाजसेवियों के द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लाए गए घुमंतू मवेशियों के लिये भरपूर चारा पैरा कुटी,कोढ़ा,फल,सब्जी आदि मिलने पर स्वस्थ गौ माताओं ने 30 से भी अधिक स्वस्थ बछड़े और बछियों को जन्म दिया है।जो अब आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे है।आज सिंधी समाज ने गौ माताओं को हरा चारा खिलाया उन्होंने आगामी दिनों में भी अपने विशेष अवसरों को गौठान में आकर गौमाता की सेवा कर मनाना स्वीकार किया है।

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