कोरोना के बढ़ते मामले राज्य सरकार की लचर व्यवस्था का परिणाम – सांसद विजय बघेल

-मीडिया से वर्चुअल मीटिंग में भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
दक्षिणापथ,दुर्ग।
दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर आरोपों की बौछार की हैं। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी की स्थिति राज्य सरकार की गैर जिम्मेदाराना कार्य की वजह से पैदा हुई है। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व उनके मंत्रीगण सीधे-सीधे जिम्मेदार हैं। कोरोना से अब तक प्रदेश में 6 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। 5 हजार से अधिक लोगों की आकस्मिक मौत हो चुकी है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए इन आंकड़ों से प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है। बावजूद प्रदेश सरकार कोरोना पीड़ितों को अस्पताल में बेड, आक्सीजन, वेंटिलेटर व अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रही है। जो राज्य सरकार की लचर व्यवस्था का बड़ा प्रमाण है। कोरोना आंकड़ों के मुताबिक देश में छत्तीसगढ़ प्रथम स्थान पर आ गया हैं। हर मामले में मुख्यमंत्री हमेशा नंबर वन पर रहने का भ्रम फैलाते हैं। कोरोना संक्रमण में भी प्रदेश नंबर वन आने से मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की छवि धूमिल की है । जिससे राज्य सरकार की कार्यशैली की पोल खुल गई है।

यह बातें दुर्ग सांसद विजय बघेल ने सोमवार को मीडिया से वर्चुअल मीटिंग में कही। वर्चुअल मीटिंग में प्रदेश भाजपा मंत्री उषा टावरी, पूर्व मंत्री रमशिला साहू, पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, जिला भाजपा प्रभारी पुरेंद्रर मिश्रा, पूर्व विधायक सांवलाराम डहरे, पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर, जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ शिवकुमार तमेर, महामंत्री ललित चंद्राकर, नटवर ताम्रकार, जिला भाजपा मीडिया प्रभारी के.एस. चौहान, भाजपा आईटी सेल प्रभारी राजा महोबिया ने भी जुड़ कर आपदा की स्थिति में राज्य सरकार की लचर व्यवस्था की जमकर आलोचना की। वर्चुअल मीटिंग में सांसद विजय बघेल ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के बीच गुटबाजी हावी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण काल में इनके मतभेद का असर चिकित्सकी व्यवस्था पर साफ नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री वन मैन शो बने रहना चाहते हैं। इसलिए स्वास्थ्य मंत्री के अलावा अन्य मंत्रियों की बातें नजरअंदाज की जा रही है। समन्वय के अभाव में कोरोना रोकथाम के लिए कोई बड़े निर्णय नहीं लिए जा पा रहे हैं, जबकि इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन छत्तीसगढ़ में कोरोना नियंत्रण को लेकर लगातार सक्रियता बनाए हुए हैं। वे हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इसके अलावा भाजपा के सांसदों व विधायकों द्वारा अपने स्वेच्छा निधि से कोरोना के रोकथाम के लिए राशि उपलब्ध करवाई गई है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा शराब के बोतलों पर लगाए गए कोरोना टैक्स की 4सौ करोड़ की राशि और डीएमएफ फंड का 8सौ करोड़ की राशि का अतापता नहीं है। सांसद विजय बघेल ने कहा कि दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने बेमेतरा जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां अधिकारी सीमित संसाधनों में कोरोना के रोकथाम में जुटे हुए हैं। कोरोना पीड़ित बेड, आक्सीजन व वेंटीलेटर के लिए भटक रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य है कि पीड़ितों को यहां चिकित्सा संबंधी संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए जा पा रहे हैं। सांसद विजय बघेल ने कहा कि भारतीय कोविड वैक्सीन को बदनाम करने कांग्रेस ने लोगों में भ्रम फैलाया है, नहीं तो अभी तक टीकाकरण अभियान पूर्ण हो चुका होता। रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने में भी राज्य सरकार असफल रही है। जिसकी वजह से प्रदेश में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की किल्लत की स्थिति पैदा हुई। राज्य सरकार स्थिति को सुधार सकती थी, लेकिन इच्छा शक्ति की कमी स्पष्ट नजर आई। इसलिए यह रेमडेसिवीर इंजेक्शन समय पर जरूरतमंदों को उपलब्ध नहीं हो पाई और मिली भी तो इसके लिए कोरोना पीड़ित मरीजों के परिजनों को मोटी रकम चुकानी पड़ी। जो कोरोना पीड़ित मरीजों के परिवार के साथ बड़ा अन्याय है।

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