तबियत खराब होने के बाद भी कई लोग नही करा रहे है कोरोना टेस्ट, ऐसे में कोरोना संक्रमितों की संख्या का अनुमान लगाना कठिन : देवेश मिश्रा

दक्षिणापथ, दुर्ग। दुर्ग-राष्ट्र उत्कर्ष अभियान छत्तीसगढ़ के संयोजक एवं कांग्रेस प्रवक्ता देवेश मिश्रा ने जानकारी दी कि बहुत से लोगों की तबियत खराब होने पर कोरोना टेस्ट नही हो पा रही या फिर टेस्ट नही करवा पा रहे परन्तु कोरोना संक्रमण के संकेत मिलते ही उनका कोरोना प्रोटोकॉल के तहत इलाज जरूरी है।कुछ लोगों का कोरोना आरटीपीसीआर टेस्ट नेगेटिव होने के बाद भी उनमें संक्रमण के लक्षण पाए जा रहे हैं।बहुत से संदेहास्पद कोरोना पीड़ित अपने घरों से नही निकल रहे,जिससे कोरोना संक्रमितों की संख्या का अनुमान लगाना कठिन है।सांस लेने में तकलीफ़ तेज बुखार,ऑक्सिजन लेवल कम होना,और कही कहीं अन्य नए लक्षण उल्टी दस्त भी नजर आ रहे हैं।ऐसे मरीज तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें,और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें।कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार से इसे मजाक में न ले ।भूपेश बघेल सरकार ने शासकीय व निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिये बेहतर व्यवस्था की है।विभिन्न अस्पतालों में नोडल ऑफिसर भी नियुक्त किए गए हैं, जिससे संपर्क कर लोग स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं।भूपेश बघेल सरकार ने बहुत ही संवेदनशील निर्णय लेते हुए निजी अस्पतालों में 20 प्रतिशत बेड आर्थिक रूप से गरीब वर्ग के इलाज के लिए हर निजी अस्पताल में सुरक्षित रखा है,जिससे गरीब मरीज निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।इसके साथ ही आयुष्मान कॉर्ड के द्वारा भी इलाज की सुविधा सरकार ने दी है,जो कि एक अनुकरणीय कदम है।

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