COVID 19: कैसे करें कमजोर इम्यून सिस्टम की जांच, इन 5 संकेतों को ना करें नजरअंदाज

दुनिया में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। देश में दिन-प्रतिदिन संक्रमित लोगों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। भारत में हर दिन लाख से ज्यादा नए मामले आने लगे हैं। जैसा कि ये बात एक्सपर्ट्स शुरुआत से कहते आए हैं कि कोविड-19 अधिकतर उन्हीं लोगों पर अटैक करता है जिनका इम्युनिटी सिस्टम कमजोर है। ऐसे में सभी लोग अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए तमाम तरह के उपाय कर रहे हैं।

बता दें कि, इम्यून सिस्टम के जरिए ही हम 24 घंटे सेहतमंद रहते हैं। लिहाजा हमें अपने खान-पान में ऐसी चीजें शामिल करनी जरूरी है जिससे हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत हो सके। तनाव, चिंता, बहुत अधिक शराब जैसी चीजें हमारी इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती हैं। अध्ययनों के अनुसार, जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, वे नोवल कोरोनावायरस संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। बहरहाल, यहां हम आपको वो 4 संकेत बता रहे हैं जिनके जरिए आप खुद से ये पता कर सकते हैं कि आपका इम्यून सिस्टम वीक है या स्ट्रॉन्ग।

​1. बार-बार बीमार होना

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बार-बार बीमार पड़ना भी कमजोर इम्यूनिटी कम होने का संकेत है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, अगर आपको एक साल में 4 से अधिक बार खांसी-जुकाम होता है तो ये कमजोर इम्यूनिटी का संकेत हो सकता है। नाक बहना और गले में खुजली भी उन लक्षणों में शामिल हैं, जिन्हें आमतौर पर अनदेखा कर दिया जाता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ एलर्जी अस्थमा और इम्यूनोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, यदि आपको एक साल में 2 से अधिक बार एंटीबायोटिक दवाओं के कोर्स लेते हैं और फिर भी बैक्टीरियल संक्रमण खत्म नहीं होता तो समझ लीजिए आप इम्यूनोलॉजी विकार (immunology disorder) से ग्रसित हैं। लिहाजा आपको एक बार डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

​2. नींद लेने के बाद भी थकावट महसूस करना

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यदि आप भरपूर नींद लेते हैं और उसके बाद भी आप सुस्त महसूस करते हैं तो समझिए आपका इम्युनिटी सिस्टम वीक है। क्योंकि जरूरत से अधिक थकान होना भी कमजोर इम्यूनिटी के लक्षण हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक कम इम्यून सिस्टम को ज्यादा एनर्जी की आवश्यकता होती है। रात को कम नींद और दिन भर सिर भारी लगना भी इस ओर इशारा करता है। बता दें कि रात को सोते वक्त शरीर मेलाटोनिन हार्मोन रिलीज करता है। इस हार्मोन से कुछ इम्यून सेल्स पैदा होते हैं जो साइटोकिन्स बनाते हैं। ये साइटोकिन्स बदले में इम्यून सेल्स को एक्टिवेट करता है जो किसी भी तरह के इंफेक्शन को हराने में मददगार होते हैं।

​3. पेट की ये समस्याएं भी हैं कमजोर इम्यून सिस्टम के संकेत

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जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय (John Hopkins University) के अनुसार, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का एक बड़ा हिस्सा शरीर की आंत में होता है। हमारे शरीर के जठरांत्र संबंधी मार्ग (Gastrointestinal tract) में अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडी का निर्माण करते हैं। बता दें कि, पेट के अंदर मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसलिए, यदि आपको दस्त या कब्ज से पेट की समस्याएं मिलती हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपके पास कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली है। अगर आप कभी बाहर का खाना खाते हैं और इसके बाद आपको पेट में जलन होती है तो यह कमजोर इम्युनिटी सिस्टम का संकेत है। इसके अलावा यदि आपको दस्त या कब्ज की परेशानी हो रही है, तो इसका मतलब भी साफ है कि आपकी आंतों में मौजूद टिश्यूज ठीक तरह से कार्य नहीं कर पा रहे हैं।

​4. मुंह में लगातार छाले होना

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आमतौर पर मुंह में छाले तब हो सकते हैं जब आप खाना खाते वक्त अपनी जीभ या चीक को बाइट कर देते हैं। वहीं अगर आप लगातार मुंह के छालों से परेशान हैं तो यह समस्या भी एक कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली का संकेत हो करती है। तनाव के कारण भी मुंह के छाले हो सकते हैं जिसके चलते हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है।

​5. चोट उबरने में लंबा समय लगना

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जब कभी आप किसी वजह से चोटिल हो जाते हैं तो कई बार तो स्किन पर आप दवा लगाते हैं लेकिन बहुत बार ऐसे ही छोड़ देते हैं। ऐसे में अगर आपका इम्युनिटी सिस्टम मजबूत है तो मामूली चोट बिना किसी उपचार के ही ठीक हो जाएगी और उस जगह नई स्किन आ जाएगी। लेकिन वहीं अगर आपने अपनी चोटिल वाली जगह पर दवा लगाई फिर भी वो ठीक नहीं हुई और लंबा समय लगा तो समझिए आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है।

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