आज से चैत्र नवरात्र आरंभ फलाहारी लोग हुए चिंतित, व्रत बिना फल खाए तोड़ेंगे

दक्षिणापथ, दुर्ग। कोरोना के बढ़ते मामले और दुर्ग भिलाई में हो रही मौतें लोगों में खौफ पैदा तो कर ही रही है लेकिन घर में लाकडॉउन का पालन कर रहे लोग अपनी सेहत को बनाए रखने के लिए ताजे फलों एवं बाजार में ही मिलने वाली ताजी सब्जियों और भाजी के लिए लोग तरस रहे हैं।
गर्मियों के मौसम में दिन भर में रिसाली शहर में ही फल का कारोबार लगभग 30 लाख रुपए की है लेकिन व्यापारी जितना नुकसान उठा रहे हैं उससे कहीं ज्यादा फल प्रेमी और सामान्य बीमारी में फलों की जरूरत वाले लोग तरस रहे हैं। अमूमन खून की कमी से जूझने वाले लोग नियमित रूप से अनार का सेवन करते हैं। विटामिन सी की कमी वालों को संतरे की जरूरत होती है। गर्मी में अंगूर भी बच्चों की पसंद में से एक है। केले भी नियमित रूप से लोग सेवन करते है,जिसे फ्रीज में नहीं रखा जा सकता। इसी बीच आज से चैत्र नवरात्र का भी पावन पर्व शुरू हो रहा है लोगों का उपवास भी आज शुरू हो जाएगा लेकिन फल नहीं मिलने से परेशानी और बढ़ जाएगी।
वैसे तो धार्मिक स्थलों में आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है लेकिन घर पर ही नवरात्र विशेष में आस्था के रूप में उपवास रखने वाले लोगों में फल की उपलब्धता नहीं होने से निराशा है क्योंकि प्रसाद के तौर पर भोग के रूप में फल ही चढ़ाया जाता है लेकिन बाजार में फल उपलब्ध ना होने से एक नया अनुभव व्रत धारियों को होने वाला है। रिसाली के एक व्रतधारी ने बताया कि इस महामारी से निपटने में शासन प्रशासन से लेकर आमजन सभी परेशान है अब अंततः ऊपरवाला और माता रानी ही इस विपदा को हर सकते हैं इसी क्रम में मैं उपवास भी रख रहा हूं लेकिन माता रानी को भोग चढ़ाने के लिए फल नहीं है।

error: Content is protected !!