कोविड रोगी होम आइसोलेशन मरीजों के बढ़ी परेशानी: हरी सब्जियां एवं फल नहीं मिलने आ रही है काफी कठिनाई

-एक तरफ स्वास्थ्य विभाग हरी सब्जियां एवं फल खाने उपयोग करने की सलाह दे रहे है तो दुसरी तरफ लाकडाऊन के चलते ये सभी चीजो का दुकान बंद है
-शासन प्रशासन कोरोना मरीजों एवं परिजनों के लिये इन चीजों का व्यवस्था कराये
दक्षिणापथ, देवकर(रमेश जैन)
।आज पुरी दुनिया मे कोरोना वायरस की भयावाह स्थिति बढ़ती जा रही है जिसके चलते हर देश, प्रदेश, और संभाग, जिलों,में अलग-अलग तरीके से कोरोना बीमारी की रोकथाम के लिए लाकडाऊन किया गया है पर इस बीमारी से लड़ने के लिए दवाओं, दुवाओ, मास्क, दुरी, देखभाल,आदि जरूरी है पर इसके साथ ही साथ हरी सब्जियां और फलफूल का उपयोग भी अति आवश्यक है पर शासन प्रशासन के द्वारा लाकडाऊन की घोषणा कर इन आवश्यक चीजों वस्तुओं को भी बंद कर दिया गया है जिससे बीमार लोगों को काफी असुविधा व परेशानी हो रही है जूस, नारीयल पानी, फल, सब्जियां नहीं मिलने से जहां एक ओर मरीजों की कमजोरी बढ़ती जा रही है वहीं परिवार वाले भी हलाकान हो रहे है।
शासन प्रशासन इस ओर गंभीरता से फैसले लेते हुऐ कुछ समय अवधि के लिये फल सब्जियों की दुकानें खोलने के लिए ढीलाई दे ताकि होम आइसोलेशन मरीजों को ठिक से खानपान मिल सके नियम और शर्तों के साथ इन दुकानों को कुछ धन्टो के लिए खोलने की आदेश जारी हो। आवश्यक सेवायें दवाओं की दुकानों के साथ ये भी वस्तु रोगियों के लिए दवाई से कम नहीं है जो नही मिलने काफी परेशानी कठिनाई आ रही है शासन प्रशासन फलफ्रूट और सब्जी बेचने वालो को एक स्थाई दुकान, बाजार,हटरी न लगा कर घूम,घूमकर बेचने का छूट दे ।

कल से पतित पावन मां दुर्गा जी की उपासना महापवॆ नवरात्र पवॆ आरंभ होने जा रहा है इस पवॆ पर सैकड़ों, हजारों, लोग उपवास व्रत-रखते हैं और फलाहारी करते है उनका धार्मिक आस्था का क्या होगा क्या मां के भक्त जन भूखा रहेंगे या उपवास नहीं कर पायेंगे बहूत सी ऐसी बाते हैं जिस पर शासन प्रशासन को गंभीरता से निणयॆ लेना होगा जिससे किसी की धार्मिक आस्था और शारीरिक रोग पर चोटं न पड़े। कोरोना काल मे कड़ा कानून जरूरी है पर इससे डरना नही लड़ना है और आदमी जब कोरोना से लड़ सकता जब उसमे पावर ताकत, और खानपान सही हो कमजोर और बीमारी होने पर कैसे लड़ सकता है सिफॆ डर सकता है।
लोगों को सदेश दिया जा रहा है मास्क है ज़रूरी दो गज दुरी,बार बार हाथ धोना और घर पर रहे बाहर न निकले ये सब ठीक है सावधानी ज़रूरी है ताकि आदमी स्वमं को ,परिवार को मोहल्ले को गांव और नगर को प्रदेश और देश को सुरक्षित रख सके कोरोना को मात दे सके पर इसके साथ ही साथ लोगों की आवश्यकता की जरूरतों की भी ध्यान रखना जरूरी है कोरोना की इस महामारी बीमारी को खत्म करना भी जरूरी है जो सब मिलजूल कर कर सकते है। आज सबसे सुन्दर और सुनहरी शब्द पाजिटिव जो लोग हमेशा एक दुसरे से कहते रहते थे हमेशा पाजिटिव सोचें पाजिटिव रहे, पाजिटिव करे पर कोरोना बीमारी ने इस पाजिटिव सुन्दर शब्द को बदनाम कर के रख दिया आज लोगों मे पाजिटिव शब्द से भय आतंक छा जाता है हमारा आप सबसे यही विनती है स्वस्थ रहे खुशहाल रहे ।

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