लूटने के लिए लोगों पर छोड़ देते थे बंदर, अब पुलिस ने किया अंदर, पढ़ें क्या माजरा

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने बंदरों का इस्तेमाल करके लोगों को लूटने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और इनका एक साथी अब भी फरार है। आरोपियों ने करीब तीन महीने पहले तुगलकाबाद किले के जंगल से बंदरों को पकड़ा था। पुलिस ने दोनों बंदरों को वन्यजीव केंद्र को सौंप दिया है। पुलिस अब इनके द्वारा लूटे गए लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।  

दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बंदरों का इस्तेमाल कर लोगों को डराने और लूटने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान बलवान नाथ (26) और विक्रम नाथ (23) के रूप में हुई है। गुरुवार को जब ये दोनों चिराग दिल्ली बस स्टैंड के निकट किसी का इंतजार कर रहे थे तभी पुलिस की टीम ने उन्हें दबोच लिया।

दरअसल, दक्षिणी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लूट और झपटमारी करने वाला एक ऐसा गिरोह सक्रिय था, जो लोगों को लूटने के लिए उन पर बंदरों को छोड़ देता था और फिर उनसे रुपये और कीमती सामान लूटकर फरार हो जाता था। लूट की एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने जब इस मामले की जांच की तो इन लुटेरों के बारे में पता चला।

पुलिस के अनुसार, दिल्ली के ओखला मोड़ के निकट रहने वाले आरोपी बलवान और विक्रम अपने तीसरे साथी अजय के साथ मिलकर बंदरों का इस्तेमाल करके लोगों को डराते और उनके रुपये और कीमती समान लूटते थे। अजय को पकड़ने के प्रयास जारी हैं, जो अभी फरार है।

पुलिस बताया कि मामला बीते माह 2 मार्च को सामने आया था जब खिड़की एक्सटेंशन में रहने वाले एक वकील ने शिकायत दी कि बंदरों के साथ आए तीन लोगों ने उन्हें घेरकर उसने जबरन छह हजार रुपये लूट लिए थे।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अतुल कुमार ठाकुर ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ मालवीय नगर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 392 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम,1972 की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

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