लॉकडाउन के दौरान भी मानव सेवा जारी 300 लोगों को प्रतिदिन कराया जा रहा है भोजन

दक्षिणापथ, दुर्ग। देश मे आयी विश्वव्यापी कोरोना माहमारी के चलते जिले में बढ़ते हुए कोरोना संक्रमण को देखते हुए 6 से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाया गया है, जिसके चलते पूरा जिला एवं शहर बंद हैं। इससे खास तौर से उस वर्ग के लिए पेट भरने का संकट आ गया है, जो रोज दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, रिक्शा-ठेला चलाते है, चाय-पान के छोटे दुकानदार, फेरी करने, फुटपाथ और रेहड़ी पर दुकान लगाने वाले, एवं भिक्षु जन ऐसे हजारों परिवारों के समक्ष आमदनी का कोई जरिया न होने से घर में चूल्हा जल पाना मुश्किल हो गया है। ऐसे लोगों की मदद के लिए पूरे दुर्ग जिले में जन समर्पण सेवा संस्था जोकि विगत 4 वर्षों से गरीब, असहाय एवं जरूरतमंदों को प्रतिदिन भोजन खिलाती एवं अन्य जरूरत की समाग्री वितरण करती आ रही, यह संस्था वर्तमान में विश्वव्यापी महामारी के बीच भी अपनी सेवा निरन्तर जारी रखी हुई है, वर्तमान विकट परिस्थिति को देखते हुए जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग सभी के सहयोग एवं योगदान से इस संकट की घड़ी में जरूरतमंदों को भोजन वितरण कर रही है, जिसमें लगभग 300 जरूरतमंदों को भोजन वितरण किया जा रहा है, संस्था की ये खास बात है कि किसी को भी भोजन पैक करके नही दिया जाता सभी को दूर दूर बैठाकर पका हुआ भोजन खिलाया जाता है, ताकि पका हुआ भोजन कोई फेके नही और संक्रमण न बढ़े.. संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया कि संस्था के युवा अभी वर्तमान में पूरे जिले में कफ्र्यू के दौरान भी मानव सेवा को अपना उद्देश्य बना कर पूरे दिन रात सेवा में लगे है, मानव सेवा को अपना उद्देश्य बनाये हुए ये युवा वर्तमान में शहर के विभिन्न स्थानों में भोजन वितरण करते है।

वर्तमान में पूरे जिले में लॉकडाउन के दौरान संस्था के सदस्यों की कोशिश रहेगी कि ज्यादा से लोगों तक भोजन पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि जहां भी पके हुए भोजन की जरूरत होती है सूचना मिलते साथ संस्था के सदस्य अपने वाहन से भोजन पहुंचाने पहुंच जाते है। संस्था के आशीष मेश्राम ने बताया कि संस्था द्वारा वर्तमान में रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड, मालवीय नगर, मिलपारा, पोलसाय पारा, सिंधी कालोनी रोड, शनिचरी बाजार, जैसे स्थानों विभिन्न में अपने हाथों से नियम का पालन करते हुए मास्क एवं हाथ मे गुलोप्स पहनकर भोजन, फल एवं पानी वितरण कर रहे है। शहर में ऐसे भी लोग हैं, जो रोजगार या नौकरी के सिलसिले में यहां आये है परंतु वर्तमान में बंद के कारण वे कुछ काम नही कर पा रहे है इसलिए उनके पास खाने पीने की वस्तु नही है उन्हें भी संस्था द्वारा निशुल्क भोजन दिया जा रहा है। संस्था के शिशु शुक्ला ने बताया कि लॉकडाउन में प्रतिदिन रात्रि 8 बजे दुर्ग रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड, मालवीय नगर एवं शहर के विभिन्न स्थानों में घूम-घूमकर लगभग 300 गरीब,असहाय, विकलांग, अनाथ जनों एवं जरूरतमंदों को भोजन वितरण किया जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया कि इस मानवता वाले परोपकार कार्य को करने को लेकर संस्था के सभी सदस्यों को एक परम आंनद की प्राप्ति और सुखद अनुभव की प्राप्ति होती है, भूखों को खाना खिलाने के बाद उनके चेहरे की खुशी व दिल की गहराईयो से निकली दुआओ से इस कार्य को और करने की ऊर्जा मिलती है, खुशी मिलती है।

संस्था के इस कार्य से प्रभावित होकर शहर की बहुत सी सामाजिक, राजनीतिक, एवं धार्मिक संस्थाओं के द्वारा भोजन सेवा का कार्य किया जा रहा है। इस सेवा कार्य मे संस्था के सदस्य अलग-अलग दो टीम बनाकर सुबह शाम भोजन वितरण कर रहै है, जिसमें एक टीम पुराना बस स्टैंड, पटेल चौक, नया बस स्टैंड, राजेन्द्र पार्क चौक, मालवीय नगर, स्टेशन रोड़, पोलसाय पारा, दुर्ग रेल्वे स्टेशन, शहीद चौक, अग्रेसन चौक में जरूरतमंदों को भोजन वितरण कर रही है, भोजन सेवा में प्रतिदिन अर्जित शुक्ला, शिशु शुक्ला, आशीष मेश्राम, संजय सेन, प्रकाश कश्यप, राजेन्द्र ताम्रकार, मृदुल गुप्ता, हरीश ढीमर, शुभम सेन, शब्बीर खान, भागवत पटेल, दद्दू ढीमर, महेश गुप्ता, नितिन जैन, शिबू खान एवं अन्य संस्था के सदस्य सेवा दे रहे है।

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