कैसे दूर होगा कोरोना वैक्सीन का संकट, जानिए अभी कितना है प्रोडक्शन और कब तक डिमांड होगी पूरी

नई दिल्ली
देश में कोरोना की बढ़ती रफ्तार के बीच कुछ राज्यों में वैक्सीन की कमी होने खबरें आ रही हैं। वहीं कई वैक्सीनेशन सेंटर में टीका न होने की वजह से बंद करना पड़ा। राज्यों ने अधिक से अधिक कोरोना वैक्सीन देने की मांग केंद्र सरकार से की है। कोरोना वैक्सीन की बढ़ती डिमांड के बीच देश में उसके प्रोडक्शन का क्या हाल है। क्या इसको बढ़ाया जा रहा और अभी कितना उत्पादन हो रहा है। ऐसे कई सवाल लोगों के मन में है।

कोरोना की बढ़ती रफ्तार और वैक्सीनेशन में आई तेजी के बीच अगले कुछ हफ्तों में देश में वैक्सीन का प्रोडक्शन नहीं बढ़ने वाला है। सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक की ओर से जो संकेत मिल रहे हैं उस हिसाब से अगले कुछ हफ्तों तक प्रोडक्शन सीमित ही रहने वाला है। हालांकि उसके बाद इसमें तेजी आएगी।

सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक
देश में अभी सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के वैक्सीन को ही मंजूरी मिली है और इनकी ओर से ही इसे उपलब्ध कराया जा रहा है। सीरम इंस्टीट्यूट की 60- 70 मिलियन डोज यानी 6 से 7 करोड़ के प्रोडक्शन की क्षमता है। अगले महीने से 100 मिलियन तक प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी है। इस टारगेट तक यानी 100 मिलियन तक पहुंचने की डेडलाइन इसी साल जनवरी- फरवरी तक की थी। 100 मिलियन डोज घरेलू उपयोग के लिए दी जा चुकी है। इस साल अगस्त तक इसे 470 मिलियन तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि यह सरकार के ऑर्डर पर निर्भर होगा।

भारत बायोटेक की ओर से भी प्रोडक्शन को डबल करने की तैयारी है। वर्तमान समय में दो लाख डोज का प्रोडक्शन हो रहा है जिसे अगले महीने तक बढ़ाकर 5 लाख करने की तैयारी है। अभी जो क्षमता है उस हिसाब से 200 मिलियन वैक्सीन का प्रोडक्शन साल भर में किया जा सकता है। हैदराबाद, बेंगलुरु यूनिट की सहायता से 700 मिलियन तक बढ़ाया जा सकता है। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार न्यू लाइंस का इस्तेमाल कर अतिरक्त 500 मिलियन का उत्पादन बढ़ाया जाएगा।

कई दूसरी वैक्सीन भी पाइपलाइन में
अभी फिलहाल दो कोरोना वैक्सीन को सरकार की ओर से मंजूरी मिली है। हालांकि कई दूसरी वैक्सीन ट्रायल के अंतिम दौर में है और सरकार की ओर से मंजूरी मिलने का इंतजार है। जायडस का ट्रायल तीसरे दौर में है। भारत बायोटेक की ही नाक से दी जाने वाली वैक्सीन का ट्रायल शुरू है। जेनेवा बायोफार्म की वैक्सीन के पहले फेज का ट्रायल चल रहा है। स्पूतनिक V को इमरजेंसी यूज की मंजूरी का इंतजार है।

सरकार के एक अधिकारी ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि 50 मिलियन डोज पाइपलाइन में है। जो कि अगले 12 से 15 दिनों के भीतर देश के अलग- अलग राज्यों वैक्सीनेशन के लिए पहुंच जाएगी। वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।

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