Coronavirus second wave: दिल्ली से बिहार जाने वाली गाड़ियों में अगले 15 दिनों तक सीट नहीं

अभी देश भर में सीमित संख्या में ट्रेन (Trains) चल रही हैं। अफवाह के मारे लोग भागे-भागे स्टेशन पहुंच रहे हैं। लेकिन, उनमें से ज्यादातर को निराशा हाथ लग रही है। रिजर्वेशन काउंटर (Reservation Counters) पर लंबी कतार है। ट्रेनों में अगले 15 दिनों तक सीटें खाली नहीं (Bo confirm bearth) हैं। कोविड की वजह से बिना कंफर्म टिकट (Confirm Ticket) वालों को ट्रेनों में चढ़ने की इजाजत नहीं है। अब ऐसे लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि वो कहां जाएं, किससे मदद मांगें।

मजदूरों का आसरा जनरल डिब्बा

मजदूरों के सफर का आसरा सामान्य मेल एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे से होता है। इन दिनों हर अच्छी ट्रेन में जनरल डिब्बों की संख्या घटा दी गई है। उदाहरण के लिए आनंद विहार से भागलपुर जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस को देखिए। इसमें पहले जनरल के 4 डिब्बे हुआ करते थे। अभी जो विक्रमशिला स्पेशल चल रही है, उसमें जनरल के महज दो डिब्बे है। इनमें भी सीटों के अनुसार ही रिजर्वेशन से यात्रा हो रही है। पहले इन डिब्बों में भेड़-बकरियों की तरह लोग ढुंस कर यात्रा करते थे तो एक डिब्बे में क्षमता से चार पांच गुना अधिक लोग होते थे।

मुजफ्फरपुर जाने के लिए सभी ट्रेन में वेटिंग

नई दिल्ली से मुजफ्फरपुर जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति स्पेशल फर्स्ट एसी में भी वेटिंग लगा हुआ है। सेकंड एसी और थर्ड एसी की तो बात ही छोड़ दीजिए। अगले 17 अप्रैल के लिए भी देखें तो इस ट्रेन में स्लीपर क्लास में 238 वेटिंग मिल रहा है। इसके कंफर्म होने की दूर-दूर तक संभावना नहीं है। इस ट्रेन के सेकंड क्लास सीटिंग वाले जनरल डिब्बे में भी 95 वेटिंग है। अब समझ लीजिए की हालत क्या है मुजफ्फरपुर होकर जाने वाली डिब्रूगढ़ राजधानी स्पेशल में भी किसी श्रेणी में सीट उपलब्ध नहीं है।

सहरसा-दरभंगा वाली ट्रेन में भी सीट नहीं

दिल्ली से बरौनी होते हुए सहरसा जाने वाली वैशाली एक्सप्रेस स्पेशल और दिल्ली से मुजफ्फरपुर होते हुए दरभंगा जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी स्पेशल ट्रेनों में भी किसी श्रेणी में सीट या बर्थ उपलब्ध नहीं है। जब हमने आगामी 17 अप्रैल के लिए इस ट्रेन के जनरल डिब्बे में चेक किया तो वहां भी 90 वेटिंग मिला। यह टिकट कंफर्म हो ही नहीं सकता, क्योंकि खुद इसके लिए कंफर्मेशन प्रोबेबिलिटी 57 परसेंट बता रहा है। स्वतंत्रा सेनानी स्पेशल में तो इस तारीख के लिए वेटिंग लिस्ट 180 दिखा रहा है। स्लीपर क्लास में इसकी कन्फर्मेशन प्रोबेबिलिटी 34 फ़ीसदी बता रहा है।

दिल्ली पटना रूट का भी यही हाल

दिल्ली से पटना रूट पर भी खूब भीड़ है। इस रूट पर अच्छी बात है कि आनंद विहार से दानापुर के बीच जन साधारण स्पेशल ट्रेन चलती है। इसमें सभी डिब्बे जनरल हैं। इस ट्रेन में भी 17 अप्रैल तक टिकट फुल दिखा रहा है। उस दिन का टिकट यदि लेना हो तो आपका वेटिंग लिस्ट में 91 नंबर का टिकट लेना होगा। श्रमजीवी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस आदि ट्रेन का भी यही हाल है। किसी ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं है। वेटिंग टिकट लीजिए, कंफर्म हो गया तो आपकी किस्मत। वरना मुंह लटका कर स्टेशन से घर लौटिए। यहां तक कि पटना राजधानी के किसी क्लास में भी कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है।

स्टेशन के बाहर लोगों का जमघट

दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन के बाहर लोगों का जमघट स्पष्ट देखा जा रहा है। स्टेशन पर खड़े एक टिकट चेकिंग स्टॉफ का कहना है कि पूर्वी यूपी और बिहार जाने वाली ट्रेनों के लिए लोग बहुत ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि ट्रेन में रिजर्व टिकट मिले तभी लें। वरना स्टेशन में घुसने नहीं दिया जाएगा। इसी स्टेशन पर 34 साल के राम भरोसे यादव से मुलाकात हुई। वह बरौनी जाने के लिए टिकट के लाइन में खड़े थे। बताया गया अगले 15 दिन तक कंफर्म टिकट नहीं है। अब ऐसे में घर जाएं तो कैसे जाएं। उनका कहना है कि उनका यहां घर नहीं है। एक फैक्ट्री के बाहर रहते थे। अब सुना कि लॉकडाउन लगने वाला है तो लगा कि यहां भूखे मरने से बेहतर है कि घर लौट जाएं।

रेलवे का कहना, घबराएं नहीं

रेलवे के अधिकारी का कहना है कि इस समय कोविड को देखते हुए सिर्फ कंफर्म टिकट वाले पैसेंजरों को ही ट्रेनों में जाने की अनुमति दी जा रही है। अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणाएं अगर कुछ जगहों से होती हैं तो वह सिर्फ ट्रेन सेवाओं की बहाली की जारी प्रक्रिया का ही हिस्सा हैं। इसलिए रेलवे ती तरफ से अपील है कि बिना कारण के अंदाजा (पूर्ण लॉकडाउन का) मत लगाइए और पैनिक बुकिंग मत कीजिए। कोरोना काल में जरूरत पड़ने पर ही यात्रा करें।

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