जंगल से निकला नक्सलियों का झुंड और शुरू कर दी गोलीबारी... गांव के लोगों की जुबानी, बीजापुर नक्सली हमले की कहानी

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Ro No. 12111/89

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- स्वीकृत प्रकरणों में कृषि सेक्टर एवं अन्य सेक्टर से संबंधित प्रकरणों पर ऋण पर लिया गया अंतिम निर्णय - कलेक्टर एवं बैंक के प्राधिकृत अधिकारी डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने ली प्रगति की जानकारी दक्षिणापथ, दुर्ग। सहकारी बैंक की ऋण उपसमिति की महत्वपूर्ण बैठक आज जिला सहकारी बैंक के कार्यालय में हुई। जिले के कलेक्टर एवं बैंक के प्राधिकृत अधिकारी डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एक करोड़ 39 लाख रुपए के 41 ऋण प्रकरणों को स्वीकृति दी गई। स्वीकृत हुए प्रकरणों में कृषि कार्य से जुड़े ट्रैक्टर हार्वेस्टर आदि के प्रकरणों को स्वीकृत किया गया। गैर कृषि क्षेत्र में पर्सनल लोन, आवास लोन, एसएचजी आदि के लोन के आवेदन स्वीकृत किए गए। पोल्ट्री के लिए भी प्रकरण आए थे जिन्हें स्वीकृत किया गया। इस अवसर पर प्राधिकृत अधिकारी डॉ. भुरे ने कहा कि बैठक में एसएचजी के प्रकरण आए हैं। यह उत्साहजनक हैं। एसएचजी जितना ज्यादा प्रभावी रूप से आगे बढ़ेगी, स्थानीय बाजार में उनका प्रभुत्व बढ़ेगा और उनके लिए विकास के अवसर तैयार होंगे। इससे बैंक के लिए भी नये आर्थिक अवसर उत्पन्न होंगे। उद्यम के क्षेत्र में जितने लोग रुचि लेते हैं उनके प्रकरणों पर तेजी से कार्रवाई करें। साथ ही शाखा प्रबंधकों को भी इस दिशा में प्रेरित करें कि लोगों को नये व्यवसायों के लिए प्रेरित करें। गोधन न्याय योजना आदि योजनाओं के माध्यम से गोपालन में आय की संभावना काफी बढ़ी है। डेयरी वैसे भी काफी प्रगतिशील क्षेत्र है। ऐसे में यदि लोग इस क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे तो लोगों के लिए भी आर्थिक अवसर बढ़ेंगे और बैंक के लिए भी तरक्की के अवसर खुलेंगे। पोल्ट्री के क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं हैं। इनके आवेदन भी आ रहे हैं। किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन और उद्यानिकी के क्षेत्रों में भी विस्तार करें तो उनके लिए नये आर्थिक अवसर उपलब्ध होंगे। बैंक की सीईओ अपेक्षा व्यास ने बताया कि कृषि कार्यों के अलावा कृषि इतर कार्यों के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। कृषि के साथ ही गोपालन जैसी गतिविधियों के लिए, बकरी पालन आदि गतिवधियों के लिए लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भविष्य में भी इस दिशा में कार्य किये जाएंगे। बैठक में उपसंचालक कृषि अश्विनी बंजारा तथा रजिस्ट्रार सहकारी संस्था भी उपस्थित थे।