जेल में रहकर जीता पंचायत चुनाव, जमानत पर ली शपथ, लोग बुला रहे छत्तीसगढ़ का ‘रॉबिन हुड’

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की सियासत में ‘रॉबिन हुड’ कल्चर का उदय हो रहा है. हाल ही में हुए पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में रायपुर (Raipur) सेंट्रल जेल (Central Jail) में रहते हुए सरपंच पद पर भारी मतों से चुनाव जीतकर इस कल्चर की शुरुआत नरेन्द्र यादव नाम के व्यक्ति ने की है. नरेन्द्र यादव अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में केन्द्रीय जेल रायपुर में विचाराधीन बंदी रहते हुए चुनाव लड़े और भारी मतों से जीत भी हासिल की. चुनाव में जीत के बाद उन्हें शपथ ग्रहण के लिए अंतरिम जमानत पर बाहर भेजा गया है.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में हाल ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही नतीजे घोषित किए गए. इसमें तिल्दा विकासखंड के सड्डू गांव के रहने वाले नरेन्द्र यादव ने जेल में विचाराधीन बंदी रहते सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा और चुनाव भारी मतों से जीत हासिल की. छत्तीसगढ़ की राजनीति के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब जेल में रहकर कोई चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत भी गया. इस जीत के बाद नरेन्द्र यादव को सड्डू गांव का ‘रॉबिन हुड’ बुलाया जा रहा है.
रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की सियासत में ‘रॉबिन हुड’ कल्चर का उदय हो रहा है. हाल ही में हुए पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में रायपुर (Raipur) सेंट्रल जेल (Central Jail) में रहते हुए सरपंच पद पर भारी मतों से चुनाव जीतकर इस कल्चर की शुरुआत नरेन्द्र यादव नाम के व्यक्ति ने की है. नरेन्द्र यादव अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में केन्द्रीय जेल रायपुर में विचाराधीन बंदी रहते हुए चुनाव लड़े और भारी मतों से जीत भी हासिल की. चुनाव में जीत के बाद उन्हें शपथ ग्रहण के लिए अंतरिम जमानत पर बाहर भेजा गया है.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में हाल ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही नतीजे घोषित किए गए. इसमें तिल्दा विकासखंड के सड्डू गांव के रहने वाले नरेन्द्र यादव ने जेल में विचाराधीन बंदी रहते सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा और चुनाव भारी मतों से जीत हासिल की. छत्तीसगढ़ की राजनीति के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब जेल में रहकर कोई चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत भी गया. इस जीत के बाद नरेन्द्र यादव को सड्डू गांव का ‘रॉबिन हुड’ बुलाया जा रहा है.
व्यक्तिगत छवि का मामला

बीजेपी के प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास मानते हैं कि छत्तीगसढ़ में इससे पहले कभी कोई जनप्रतिनिधि इस तरह से जेल में रहते हुए चुनाव नहीं जीता है. यह मामला व्यक्तिगत छवि वाला है. जोगी कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता इकबाल रिजवी का कहना है कि इस तरह का पहली बार उदाहरण निकलकर सामने आया है और अब आने वाले समय में और भी लोग सामने आयेंगे. बीजेपी और जोगी कांग्रेस के उलट कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता विकास तिवारी का मानना है कि छत्तीसगढ़ शांत प्रदेश है और इस तरह से आपराधिक छवि वाले नेताओं की यहां ज्यादा नहीं चलने वाली है.

वकील ने कही ये बात

विचाराधीन बंदी और सरपंच नरेन्द्र यादव के प्रकरण को कोर्ट में लड़ रहे वकील एनडी मानिकपुरी का कहना है कि नरेन्द्र यादव जेल में रहकर चुनाव जीते हैं. नरेंद्र के खिलाफ चुनाव मैदान में कुल पांच उम्मीदवार थे. इस चुनाव में नरेंद्र ने कुल 1540 मतों में से 799 मत लेकर 271 मतों से जीत हासिल की है. इससे पता चलता है कि उनकी क्षेत्र में कितनी सकारात्मक छवि है. जीत के बाद कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर उन्हें 5 दिन के लिए बाहर भेजा है. जीत के बाद उन्होंने 11 फरवरी को शपथ ली.

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