एफसीआई में चावल जमा नहीं होने और बारदानें की कमी के कारण धान खरीदी में संकट की स्थिति

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Ro No. 12059/86



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नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता केजे अल्फोंस ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी की केरल इकाई ने कश्मीरी पंडितों के पलायन पर अजीब बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि 1.5 लाख से अधिक कश्मीरी पंडितों को सांप्रदायिक आधार पर, सत्तारूढ़ सरकार द्वारा, जो कांग्रेस या उसकी समर्थित सरकारें थीं, बाहर कर दिया गया था। वहीं लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी कश्मीर मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोला। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधान समाप्त करने और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले का बचाव करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी को लगता है कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के कारण सब कुछ गलत हुआ है तो वह सार्वजनिक रूप से यह बात कहें। लोकसभा में केंद्र शाासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के लिए वित्त वर्ष 2022-23 के बजट और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए राज्य मंत्री सिंह ने कहा, क्या कांग्रेस पार्टी इस सदन में कहेगी कि वह अगर सत्ता में आई तब अनुच्छेद 370 वापस लायेगी? कांग्रेस इस मामले पर अपना विचार व्यक्त करके इस संबंध में सवाल पर विराम लगाए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आपमें ऐसा कहने का साहस नहीं है क्योंकि आपको जनभावना मालूम है। जम्मू कश्मीर की समस्या के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी एवं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बीच समझौता हुआ था और इसके बाद विषयों को ठीक ढंग से नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को चुनिंदा तौर पर निशाना बनाया गया, एक की हत्या एवं हजारों को धमकाने की नीति अपनायी गई जिससे कश्मीरी पंडितों को वहां से निकलने पर मजबूर होना पड़ा। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि इससे पहले वहां पर दहेज विरोधी कानून, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति वर्ग अत्याचार निवारण कानून, सूचना का अधिकार कानून, भ्रष्टाचार निवारण कानून आदि नहीं लागू था और अनुच्छेद 370 हटने के बाद ही इन्हें वहां लागू किया गया । उन्होंने कहा कि अब वहां स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने के प्रावधानों को लागू किया गया है जिससे स्थानीय निकाय कोष में 10 हजार करोड़ रूपये भेजा जा रहा है। जितेन्द्र सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पहले नौकरियों में भर्ती के लिये कोई व्यवस्थित नियम एवं प्रक्रियाओं का अभाव था। अब इन्हें व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में जम्मू कश्मीर में उद्योगों के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में 50 हजार करोड़ रूपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं और इस संबंध में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। सिंह ने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू कश्मीर में सीमापार से घुसपैठ में कमी आने का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2010 में जब कांग्रेस नीत संप्रग की सरकार थी तब जम्मू कश्मीर में घुसपैठ के 489 प्रयास किये गए थे जो वर्ष 2014 में भाजपा नीत सरकार आने के वर्ष में घटकर 222 रह गये। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में वर्ष 2021 में घुसपैठ के 77 प्रयास किये गए और इस वर्ष दो महीनों में ऐसे 4 प्रयास किये गए हैं। मंत्री ने कहा कि यह बहुत बड़ा परिवर्तन है।