स्कूल शिक्षा मंत्री ने डिप्लोमा कोर्स करने वाली छात्राओं को प्रदान किए सर्टिफिकेट

रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखण्ड सिमगा में संचालित मदरसा जामिया मादरे अहले सुन्नत में आयोजित कार्यक्रम में उर्दू और अरबी भाषा का एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में सफलता प्राप्त करने वाली छात्राओं को सर्टिफिकेट का वितरण किया। उन्होंने कार्यक्रम में मदरसा संचालकों का सम्मान भी किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी द्वारा किया गया।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि सिमगा जैसे छोटे से इलाके में मुस्लिम समाज के लड़कियों के लिए मदरसे का संचालन किया जा रहा है। यहां छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्य की लड़कियां भी पढ़ाई कर रही हैं। डॉ. टेकाम ने मदरसे के बेहतर संचालन के लिए संचालिका शाहना नूरी और मदरसा कमेटी के अध्यक्ष डॉ. जमाल कुरैशी के कार्यों की सराहना की।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम को बताया गया कि सिमगा में मदरसा जामिया मादरे अहले सुन्नत सन् 2005 से संचालित है। यहां दीनी तालीम के साथ ही पहली से आठवी तक आधुनिक शिक्षा भी दी जा रही है। इस वर्ष यहां 235 छात्र पढ़ रही हैं और यहां बोर्ड कक्षाओं का केन्द्र भी है। यहां उर्दू और अरबी भाषा का एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी चलाया जाता है। अतिथियों द्वारा कार्यक्रम में छात्राओं को डिप्लोमा सर्टिफिकेट और कोर्स की किताबें प्रदान करने के साथ ही उर्दू शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान भी किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की चर्चा करते हुए उर्दू जबान के मिठास और उसके महत्व पर भी जोर दिया।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम.आर.खान के अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष भागवत सोनकर, सुनील महेश्वरी सहित विभिन्न समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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