कांग्रेस ने कृषि बिल के विरोध में चलाया हस्ताक्षर अभियान…

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Ro No. 12059/86



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  • 'रामायण' और बीआर चोपड़ा के 'महाभारत' की लोकप्रियता का आलम यह था कि जब उनका दूरदर्शन पर प्रसारण होता था तब सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता था। 'राम' का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल की तस्वीरों वाले कैलेंडर तो तमाम घरों के 'पूजा घरों' की शोभा बढ़ाते थे

रामानंद सागर के मशहूर धारावाहिक 'रामायण' और बीआर चोपड़ा के 'महाभारत' की लोकप्रियता का आलम यह था कि जब उनका दूरदर्शन पर प्रसारण होता था तब सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता था। इनके कलाकार अपने नाम नहीं बल्कि किरदार के नाम से घर-घर पहचाने जाते थे। लोग तो कुछ कलाकारों की बाकायदे घर में पूजा तक करने लगे थे। 'राम' का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल की तस्वीरों वाले कैलेंडर तो तमाम घरों के 'पूजा घरों' की शोभा बढ़ाते थे। वही अरुण गोविल अब बीजेपी के हो गए हैं। वैसे बीजेपी शुरू से ही रामायण और महाभारत के प्रमुख किरदारों को निभाने वाले कलाकारों की पहली पसंद रही है जिसकी हम आगे चर्चा करेंगे।

'राम' के किरदार से मशहूर हुए थे अरुण गोविल

रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल तब लोकप्रियता की बुलंदियों पर पहुंच गए थे। उस दौरान अगर वह किसी सार्वजनिक जगह पर दिख जाते थे तो लोग थाल सजाकर उनकी आरती करने लगते थे। शुरुआत में वह कांग्रेस के करीबी माने जाते थे। कहा तो यह भी जाता है कि राजीव गांधी उन्हें प्रयागराज (तब इलाहाबाद) से चुनाव भी लड़वाना चाहते थे लेकिन भगवान राम का किरदार निभाने की वजह से उन्हें चुनाव लड़ना अच्छा नहीं लग रहा था। अब वह बीजेपी में शामिल हुए हैं।

राज्यसभा सांसद हैं महाभारत की 'द्रौपदी'

महाभारत में द्रौपदी का किरदार निभाने वाली रूपा गांगुली अभी राज्यसभा की मनोनीत सांसद हैं। 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले 2015 में वह बीजेपी में शामिल हुईं। बंगाल के पिछले विधानसभा चुनाव में वह हावड़ा नॉर्थ से चुनाव भी लड़ीं लेकिन हार गईं। बाद में अक्टूबर 2016 में राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। गांगुली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कट्टर आलोचक हैं।

'सीता' भी बीजेपी के टिकट पर जीती थीं लोकसभा चुनाव

'रामायण' में माता सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने भी 1991 में बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। वह गुजरात की वडोदरा सीट से लड़ी थीं। उन्हें कुल 49.98 फीसदी वोट मिले थे। दीपिका ने कांग्रेस के रंजीत सिंह प्रताप सिंह गायकवाड़ को करीब 34 हजार वोटों से हराया था।

महाभारत के 'कृष्ण' ने बीजेपी से जीता था लोकसभा चुनाव

बीआर चोपड़ा के धारावाहिक 'महाभारत' में नीतीश भारद्वाज ने कृष्ण की भूमिका निभाई थी। तब उस सीरियल को जिसने भी देखा था, उसके मन में भगवान कृष्ण की वहीं छवि रच-बस गई, जिसे भारद्वाज ने निभाया था। नीतीश भारद्वाज भी बाद में बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने 1996 में बीजेपी के टिकट पर झारखंड के जमशेदपुर से चुनाव लड़ा और जीते। जब वह चुनाव प्रचार के लिए जाते थे लोग उनका पैर छू आशीर्वाद लिया करते थे। कुछ तो तिलक, चंदन लगाकर उनकी आरती उतारा करते थे। हालांकि 1999 में वह मध्य प्रदेश की राजगढ़ सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह से हार गए। वह बीजेपी के प्रवक्ता भी रहे थे। बाद में उन्होंने सियासत की दुनिया छोड़ दी।

'रामायण' के रावण भी गुजरात से बने थे सांसद

रामानंद सागर के धारावाहिक 'रामायण' में रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी ने भी बीजेपी के साथ अपनी सियासी पारी का आगाज किया था। 1991 में वह बीजेपी के टिकट पर गुजरात के साबरकांठा से लोकसभा चुनाव लड़े थे और जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 48.28 फीसदी वोट मिले थे। अरविंद त्रिवेदी ने जनता दल गुजरात के मगनभाई मणिभाई पटेल को करीब 36 हजार वोटों से हराया था। 2002 में वह सेंसर बोर्ड के ऐक्टिंग चेयरमैन भी बने।

'हनुमान' को भी बीजेपी ने भेजा था राज्यसभा

'रामायण' में हनुमान जी का किरदार निभाने वाले दारा सिंह को 2003 में सत्ताधारी बीजेपी ने मनोनीत सदस्य के तौर पर राज्यसभा भेजा था। दरअसल, राज्यसभा के कुल 12 सदस्य ऐसे होते हैं जिन्हें राष्ट्रपति मनोनीत करता है जो कला, साहित्य, संस्कृति, खेल, समाज सेवा जैसे क्षेत्रों की हस्तियां होती हैं। सत्ताधारी दल अपनी पसंद की हस्तियों का मनोनयन कराते हैं। दारा सिंह का 2012 में निधन हो गया।

'महाभारत' के युधिष्ठिर भी रह चुके हैं बीजेपी के सदस्य

'महाभारत' में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान ने 2004 में बीजेपी का दामन थामा था। 2015 में उन्हें प्रतिष्ठित फिल्म ऐंड टेलिविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (FTTI) का चेयरमैन नियुक्त किया गया जिसका काफी विरोध हुआ था।