दक्षिण गंगोत्री के अंडरब्रिज जाने वाले मोड़ से लेकर गदा चौक तक बिगड़ी यातायात की व्यवस्था

भिलाई । सुपेला रेलवे क्रासिंग वाले रोड में अंडरब्रिज जाने वाले दक्षिण गंगोत्री के सामने से लेकर राजेन्द्र प्रसाद चौक यानि गदा चौक के बीच व्यवसायिक उपयोग के इरादे से अतिक्रमण करने वालों के बारे में चौकाने वाली जानकारी सामने आई है। बताते हैं सड़क के दोनों ओर नगर निगम ने व्यवायिक भूखण्ड आबंटित किया है। इन भूखण्डों के मालिक दुकान निर्माण के बाद अपना खुद का व्यवसाय कर रहे हैं। लेकिन आबंटित भूखण्ड के सामने सड़क की जगह पर ठेला खोमचा लगवाकर उनके प्रतिदिन एक निश्चित राशि बतौर किराया वसूल रहे हैं। ऐसा करने से आबंटित दुकानदारों को अतिरिक्त आमदनी तो हो रही है लेकिन इससे सड़क पर यातायात बदहाल हो रहा है। इसके कारण आये दिन यहां जाम लग रहा है। इसके कारण कभी भी यहां बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है लेकिन निगम के लोग केवल छोटे मोटे दुकानवालों और ठेले, खोमचे वालों का कभी प्लास्टिक को कभी गंदगी तो कभी सामान बाहर रखकर दुकानदारी के नाम पर हजार दो हजार वसूलने में ही मस्त है, और इनपर छाटे दुकानदारों पर कार्यवाही का प्रतिदिन अखबारों में समाचार छपवा कर अपनी पीठ वे स्वयं ही थपथपा रहे हैं लेकिन सडक किनारे ठेला, खोमचा लगवाकर किराया वसूलने और दुकानदारों द्वारा सड़क तक अपना सामान बाहर रखकर धंधा करने वालों पर निगम अधिकारी आखिर क्यों मेहरबान है, यह समझ से परे है। हालांकि प्रतिदिन निगम के लोग इन रास्तों से आते जाते रहते हैं, और यह सब देखते हैं कि अपने दुकान से बहुत ही आगे तक सामान रखकर धंधा करते है, उसमें कपड़ा दुकान, प्लास्टिक दुकान वालों से लेकर सभी तरह के दुकानदार है जो सामान दुकानों से बाहर रखकर धंधा करते है, लेकिन गिनम अधिकारी अपनी आंखे मुंदे रहते है।
अपनी चौड़ाई के लिहाज से आज सबसे बड़ी सड़क अतिक्रमण के चलते यातायात की दृष्टि से बदहाल हो गई है। दक्षिण गंगोत्री के अंडरब्रिज जाने वाले मोड़ से लोकर गदा चौक अर्थात राजेन्द्र प्रसाद चौक के बीच की इस सड़क को अतिक्रमणमुक्त बनो प्रयास दर प्रयास के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। सड़क पर ठेला खोमचों के चलते लोगों की आवाजाही खतरे में खेलकर हो रही है। खासर शाम ढलने के साथही तंग गली में तब्दील होने वाली इस सड़क पल पल दुर्घटना को आमंत्रण देती प्रतीत हो रही है।
सुपेला चौक से राजेन्द्र प्रसाद चौक के बीच की सड़क वैसे सौ फीट चौड़ी है। इसके बीचों बीच डिवाइडर भी बना हुआ है। लेकिन अतिक्रमण के चलते शहर की इस सबसे चौड़ी सड़क पर लोगों की आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। सड़क के दोनों ओर ठेला खोमचा लगाकर व्यापार करने वालों का कब्जा बना हुआ है। शाम के वक्त इन ठेलों और खोमचों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। ग्राहक अपने दुपहिया व चारपहिया वाहन को सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं। इस वजह से अच्छी खासी चौड़ाई वाली सड़क तंग गली में तब्दील हो जाती है। समय-समय पर नगर निगम द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ अभियान  चलाया जाता है। लेकिन तोडफ़ोड़ की कार्यवाही का असर कम होते ही फिर से सड़क पर व्यापारियो का कब्जा हो जाता है।
गौरतलब रहे कि सुपेला चौक से कोहका, वैशाली नगर, शांतिनगर, कृष्णा नगर, फरीद नगर, अयप्पा नगर कुरुद सहि कुटेलाभाठा, जेवरा सिरसा सहित अनेक नवविकसित कालोनियां इसी सड़क से जुड़ी हुई है। उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठान सहित आईआईटी के लिए भी इसी सड़क से आवाजाही होती है। सुपेला चौक के आसपास आकाशगंगा उत्तर व दक्षिण गंगोत्री व्यवसायिक परिसर सहित लक्ष्मी मार्केट भी स्थित है। इसके अलावा सुपेला रेलवे क्रॉसिंग होने से रेल पटरी के दोनों ओर भी आवाजाही भी राजेन्द्र प्रसाद चौक वाली सड़क से होती है। इस वजह से सुपेला से राजेन्द्र प्रसाद चौक के बीच हमेशा यातायात का दबाव बना रहता है। ऐसे में अतिक्रमण के चलते सड़क की चौड़ाई सिमटने से दिन भर में अनेकों बार जाम लगता है वहीं दुर्घटना की भी संभावना बनी रहती है।

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