एम्एसएम्ई के लिए भारत सरकार ने रखे 358 आइटम रिजर्व- लघु उधोग भारती

पारदर्शी मार्केट प्लेस ‘‘जेम‘‘ की कार्यशाला सम्पन्न – लघु उधोग भारती ने किया आयोजन

लघु उधोग भारती के द्वारा आयोजित वर्कशॉप में जेम अधिकारियों ने दिए गए ई-मार्केट के टिप्स

दक्षिणापथ, दुर्ग। लघु उधोग भारती के अखिल भारतीय के छतीसगढ़ प्रांत अध्यक्ष पुरोश्तम पटेल, कार्यक्रम संयोजक एवं लघु उधोग भारती दुर्ग इकाई के अध्यक्ष संजय चौबे, कार्यलय प्रभारी दुर्गा प्रसाद,राजेन्द्र पाटनी, लघु उधोग भारती भिलाई की महिला इकाई अध्यक्ष श्री मति सरोजनी पाणीग्रही, रायपुर मेटल पार्क की संयोजक श्रीमती तुलिका पांडे,औधोगिक इकाई के उपाध्यक्ष किशन अग्रवाल, यु.एस.गुप्ता, अरविंद रस्तोगी, इकाई अध्यक्ष एस.एस.केम्बो, एस.एस.सहगल, रवि सहगल,सिलतरा इकाई के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल, हथखोज इकाई के अध्यक्ष मनीष भूचाशिया ने बताया की विडिओ कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गवर्नमेंट ई मार्केट प्लेस ‘‘जेम‘‘ की कार्यशाला का आयोजन किया गया। आज के वेबिनर में जेम की तरफ से श्री एस के गुप्ता डिप्टी सीईओ, जेम,नोडल अधिकारी छत्तीसगढ़ दिल्ली मुख्य रूप से उपस्थित थे. साथ ही जेम के अनुराग अवस्थी ट्रेनिंग हेड जेम नई दिल्ली एवं नेशनल ट्रेनिंग मेनेजर डोना सीही और स्टेट बिज़नस facilitator अमित उपाध्याय रायपुर भी मौजूद थे ! इसी दौरान अमित उपाध्याय द्वारा जेम के माध्यम से शासकीय क्रय करने की जानकारी संबंधी प्रजेन्टेशन दिया गया। श्री गुप्ता ने बताया ये एक ऑनलाइन गवर्नमेंट मार्केट प्लेस है जहां शासकीय विभागीय खरीदी की जाती है। डायरेक्ट परचेस, तुलनात्मक खरीदी के साथ बिड और रिवर्स ऑक्शन के टूल की भी जानकरी दी गई। साथ ही जेम में यूजर रजिस्ट्रेशन की प्रकिया समझाई गई ! गौरतलब है की छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में केंद्र सरकार के उपक्रम कार्यरत है जिनमें प्रमुख रूप से SAIL (Bhilai –Durg), SRU (Sail Refectory Unit) SECL South Eastern Coal Field (Bilapsur ), DRDO (Jagdalpur), NMDC (Nagarnar-Jagdalpur), NMDC – ( Bacheli ) , SAIL-NTPC (Bhilai), NTPC (Bhilai, Bilaspur, Korba, Raigarh ) समाहित है ! GeM (Govt. e-Market place) पोर्टल के उपयोग की सुविधा प्रदान करेगी,जो सरकार का एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। इस प्रकार, GeM (Govt. e-Market place) ई-मार्केट प्लेस के माध्यम से अधिक से अधिक खरीद सुनिश्चित करना । कार्यशाला का आदर्श वाक्य था “GeM (Govt. e-Market place) पर सेवाओं की खरीद और जेएमएम के माध्यम से सामान्य वस्तुओं और सेवाओं की खरीद।

इसी कड़ी में लघु उधोग भारती के कार्यक्रम संयोजक संजय चौबे के प्रश्न पर अमित उपाध्याय ने बताया की अब सेलर स्वयं के उत्पादों को जेम की क्रय लिस्ट में डाल सकता है इस हेतु विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गयी !

इसी तारतम्य में लघु उधोग भारती के कार्यलय प्रभारी एवं संयोजक संजय चौबे ने बताया की है जेम के अधिकारियों द्वारा लगातार जेम के बारे में भ्रांतियों को दूर करने के हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेम पर उपलब्ध वस्तुओं एवं सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित कराई गई है। गौरतलब है की जेम के लिए भारत सरकार के साथ पीएसयू के लिए एम.ओ.यू. किया जा रहा है ! इसके माध्यम से लूपहोल को भरने के सार्थक प्रयास किये जायेंगे। जेम से खरीद में पारदर्शिता आई है और भुगतान प्रक्रिया भी आसान हुई है।

कार्यक्रम संयोजक संजय चौबे ने बताया की सरकारी संस्थाओं में जेम का प्रयोग सरकारी खरीद में पारदर्शिता, क्षमता और गति को बढ़ावा देने के लिए है। यह एक ऐसा ई-पोर्टल है जहां सभी खरीददार, विक्रेता, आपूर्तिकता और वेंडर एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसके माध्यम से उद्यमियों को समान अवसर प्रदान करते हुए सरकारी खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है । साथ ही वस्तुओं एवं सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। जेम व्यवस्था लागू होने से जहां उधमियों को अपने उत्पादों के क्रेता आसानी से एक प्लेटफार्म में मिल रहे है वही विभागों को आर्थिक बचत हो रही वहीं, गुणवत्तापकर सेवाएं भी प्राप्त हो रही ! अंत में संजय चौबे ने सभी का आभार व्यक्त किया एवं जेम के अधिकारयों से अनुरोध किया की भविष्य में शीघ्र ही पीएसयू यूनिटों के साथ एक समग्र कार्यक्रम की रुपरेखा बनाई जाए !

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