नेशनल हाईवे में धूल के गुब्बार से हैं बाइक चालक परेशान, बड़े वाहन के चलने के बाद दिन में भी छा जाता है अंधेरा

दक्षिणापथ, रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)। बलरामपुर से रामानुजगंज के बीच नेशनल हाईवे 343 की स्थिति अत्यंत जर्जर तो हो ही गई है जिससे आना-जाना मुश्किल हो  रहा है वही प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग बलरामपुर से रामानुजगंज बाइक से आना-जाना करते हैं उनकी परेशानी बढ़ते जा रही है क्योंकि नेशनल हाईवे के द्वारा गड्ढों को भरने के नाम पर डस्ट भर दिया जा रहा है जिससे धूल का गुब्बार ऐसा उठ रहा है कि जब बड़ी वाहन इस से गुजरती है तो दिन में भी धूल के गुब्बार के चलते अंधेरा छा जाता है ऐसे में जब कोई बाइक आना-जाना करता है तो दुर्घटना की संभावना बढ़  जाती है।

 गौरतलब है कि नेशनल हाईवे 343 की स्थिति दिन प्रतिदिन बदतर होते जा रही है एवं मरम्मत के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति करने में नेशनल हाईवे के अधिकारी लगे हुए हैं। नेशनल हाईवे के अधिकारियों का कहना है कि जितनी बार हमें गड्ढे भरने की आवश्यकता पड़ेगी हम गड्ढे भरेंगे परंतु यह उनके बयान तक ही सीमित रहा गड्ढा तो  भरा नही जा रहा है। वहीं यदि  गड्ढे भरने की जहमत उठा भी रहे तो क्रेशर का डस्ट गड्ढों  डाल दे रहे हैं जिससे धूल का गुब्बार ऐसा उठता है कि यदि कोई बड़ा वाहन जा रहा हो  तो बाइक सवार को रुक जाना पड़ता है क्योंकि धूल के गुब्बार से अंधेरा सा छा जाता है ऐसे में दुर्घटना को देखते हुए बाइक सवार आने जाने में डर रहे हैं।

प्रतिदिन बाइक से सैकड़ों लोग करते हैं आना जाना- रामानुजगंज से बलरामपुर प्रतिदिन सैकड़ों लोग बाइक से आना-जाना करते हैं ऐसे में उनके लिए परेशानी और बढ़ गई है गड्ढे से वे परेशान तो थे ही वहीं अब धूल का गुब्बार उन्हें परेशान कर रहा है। धूल के गुब्बार से दिन में भी अंधेरा छा जाता है- जब बड़ी वाहने सड़क से गुजरती है तो धूल का ऐसा गुब्बार उठता है कि अंधेरा सा छा जाता है दिन में भी ऐसी स्थिति निर्मित हो जाती है कि बाइक सवार थम थम कर जाते हैं जब तक की धूल शांत न हो जाए। चार बार नेशनल हाईवे के अधिकारी आना-जाना करेंगे तो समझेंगे दर्द- नेशनल हाईवे के अधिकारी अपने ही जर्जर सड़क में आने जाने से परहेज करते हैं यदि वे इस रोड में आना-जाना करेंगे तो निश्चित रूप से लोगों का दर्द समझेंगे एवं जो गड्ढे भरने के नाम पर भी अनियमितता बरती जाती है। इसका खामियाजा किस प्रकार से लोगों को उठाना पड़ता है इसे बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।

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