सैकड़ो साँपों की जान बचाने वाला चित्रसेन जिंदगी का जंग हार गया….

दक्षिणापथ, दुर्ग। सर्परक्षक के नाम से मशहूर चित्रसेन ताम्रकार 43 साल का आज दु:खद निधन हो गया। भिलाई दुर्ग मे स्नेक कैचर के नाम से जाने जातें थे। अमित ताम्रकार पप्पु काफी लंबे समय से बीमार चल रहें थे। भिलाई-दुर्ग में जब भी किसी के घरों में मुसीबत के रूप में सर्प दस्तक देता था तो चित्रसेन को याद किया जाता था।। वह बिना किसी लालच के एक बुलावे पर हाजिर हो आता था। ऐसे कई होंगे जिनकी स्व ताम्रकार ने सिर्फ एक बुलावे पर अपनी सेवाएं दी है आज चित्रसेन ताम्रकार (पप्पू भैया) सर्प रक्षक का निधन कई लोगो को शोक में डाल दिया।

अपने जीवन मे सैकड़ों सापों की जान बचाने वाला चित्रसेन अंतत: जिंदगी का जंग हार गया। वह रायपुर के मेकाहारा में कैंसर से जूझ रहा था। वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार चल रहा था। चित्रसेन एक ट्रेंड स्नैक स्नैचर था। किसी के भी घर मे जहरीला से जहरीला सर्प भी यदि घुस जाए, तो चित्रसेन को याद किया जाता था। एक फोन कॉल में वह मौके पर पहुंच जाता था। बिना शुल्क लिए साँप को सुरक्षित पकड़ता था और यथास्थान छोड़ कर उसकी जान भी बचाता था। चित्रसेन के निधन से उनके परिजन, मित्रो व शुभचिंतको में दुख की लहर फैल गई है।

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